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25 साल तक रावण का किरदार निभाने वाले 'लंकेश' की अंतिम विदाई, 50 साल से कर रहे थे रामलीला

Thu, 25 Jul 2019 11:27 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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'लंकेश' बीरेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में रामलीला के मंच पर रावण का किरदार निभाकर लंकेश के नाम से विख्यात हुए बीरेंद्र सिंह अब नहीं रहे। करीब 50 साल तक रामलीला में अभिनय करने वाले बीरेंद्र लगातार 25 साल रावण ही बने। बुधवार अलसुबह उन्होंने जीएमसीएच 32 में अंतिम सांस ली। 70 बरस के बीरेंद्र बीमार चल रहे थे। मनीमाजरा श्मशानघाट में उन्हें अंतिम विदाई देने काफी संख्या में लोग पहुंचे। वे पत्नी दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
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चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा का कहना है कि बीरेंद्र के जाने से रामलीला का एक अध्याय समाप्त हो गया है। हमने हमेशा उन्हें अपने किरदार में रचते बसते देखा। पिछले वर्ष गढ़वाल रामलीला मंडल (बिजली बोर्ड) सेक्टर 28 के मंच पर परिवार के साथ उनका स्वागत किया गया था। उस समय भी उन्होंने रावण के डायलॉग बोलकर सबको अचंभित कर दिया था। पिछले पांच साल से बढ़ती उम्र के कारण उन्होंने खुद को अभिनय से दूर कर लिया था। हालांकि रामलीला देखने पहुंचते थे।

उनकी खासियत थी कि रावण के मुकुट को वह कभी नीचे नहीं रखते थे। पूरा सम्मान करते थे। उनकी बदौलत गढ़वाल रामलीला मंडल ने कई प्रतियोगिताएं जीतीं। गढ़वाल रामलीला 1960 में शुरू हुई थी। तभी से वह इसका हिस्सा बन गए थे। बिजली बोर्ड से जेई होकर रिटायर्ड हुए थे।
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उनका अट्टहास सुनकर सिहर जाते थे दर्शक

लंकापति रावण का रोल निभाते हुए वे जनता के दिल में उतर गए। वाणी में ऐसा जोश था कि उनका अट्टहास सुनकर दर्शक सिहर जाते थे। उनके सामने राम और हनुमान का रोल करने वाले कलाकार भी उनकी अभिनय क्षमता के मुरीद थे। यहां तक कि लोगों ने उन्हें लंकेश के नाम से पुकारना शुरू कर दिया। यही नाम लोगों की जुबां पर चढ़ गया। इनके दोस्तों ने मोबाइल में इनका नंबर भी लंकेश के नाम से ही सेव किया।

रामलीला कमेटियों में दुख की लहर
चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के प्रधान विक्रम सिंह बिष्ट, महासचिव बीपी गौड़ ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि बहुत ही दुख की घड़ी है। एक ऐसा कलाकार जो रावण को जीता था, बड़ा ही मिलनसार और सहृदय था। बीपी गौड़ ने कहा कि रावण के रोल के दौरान उनके डायलॉग के लोग कायल थे।

मंच से उतरते ही वे उदार हो जाते थे। द नेशनल एडी क्लब मनीमाजरा के डायरेक्टर बलविंदर कुमार ने भी संवदेनाएं जताई हैं। सेक्टर 20 के आजाद ड्रामाटिक क्लब के मंच से रावण के रोल करने वाले कलाकार अशोक चौधरी ने बताया कि वे बड़े नेक इंसान थे। कई बार मुझे रावण के रोल में परेशानी होती तो उनसे मशविरा करता था।
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