कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी से निकाल दिया। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। बीर दविंदर ने पिछले दिनों खुल कर प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बयानबाजी की थी।
इसके बाद कैप्टन ने विधायक सुखजिंदर रंधावा की अगुवाई में एक जांच टीम बनाई थी, जिसमें अजायब सिंह भट्टी और राणा केपी सिंह शामिल थे। इस कमेटी ने बीर दविंदर को सात अप्रैल तक अपना पक्ष रखने को कहा था, लेकिन बीर दविंदर ने अपना पक्ष ही नहीं रखा।
इसके बाद कमेटी ने नेताओं और वर्करों से मिले फीडबैक के आधार अपनी रिपोर्ट वीरवार को कैप्टन को सौंप दी थी। शुक्रवार को कैप्टन ने रिपोर्ट देखने के बाद हाईकमान से सलाह की। उसके बाद बीर दविंदर सिंह को छह साल के लिए निकालने के आदेश जारी कर दिए गए।
शुक्रवार को कैप्टन की ओर से बीर दविंदर को जारी पत्र में कहा गया है कि उन्हें 31 मार्च 2016 को सस्पेंड कर सात अप्रैल तक अपना पक्ष रखने को कहा गया था। अधिकारिक तौर पर जो ई-मेल आईडी वह इस्तेमाल करते हैं, उसी पर पत्र भेजा गया था, लेकिन पक्ष रखने के बजाय बीर दविंदर ने कमेटी के खिलाफ मीडिया में बयान दिए। इसके बाद कमेटी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर उन्हें छह साल के लिए निकालने का फैसला किया गया।