चंडीगढ़। सेक्टर-63 में बने हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों में आरडब्ल्यूए की ओर से जबरन लगाए जा रहे बायोमीट्रिक डिवाइस की इंस्टाॅलेशन पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने रोक लगा दी है। एसेक्स कंट्रोल डिवाइस लगाने को लेकर बनी कमेटी की शिकायत पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की ओर से 19 फरवरी को रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन 2बीएचके को जारी किए पत्र संख्या एचबी-एओ -111 /डीए -11 /2024 के माध्यम से कहा गया है कि सेक्टर-63 के निवासियों की और से शिकायत मिली है।इसमें बताया गया कि आरडब्ल्यूए लोगों की सहमति के बिना लिफ्टों में बायोमीट्रिक एक्सेस डिवाइस लगा रही है, जिसके लिए फ्लैटों में रहने वाले सभी सदस्यों के फिंगर प्रिंट लिए जा रहे हैं। मेहमानों व अन्य लोगों के आने के लिए दो कार्ड जारी किए जा रहे हैं जो सही नहीं है। हाउसिंग बोर्ड ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की सचिव डॉ. अमृता मलिक के नाम जारी पत्र में आरडब्ल्यूए को एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। हाउसिंग बोर्ड ने कहा है कि लिफ्टों की पुरानी स्थिति बनाकर राखी जाए, यानी जो डिवाइस लगाई जा चुकी हैं उन्हें उतारना होगा।
शिकायतकर्ता सुनील वधवा, जगदीश कालरा और विनोद कुमार ने कहा कि यह लोगों की एकजुटता का परिणाम है, जिसके चलते आरडब्ल्यूए की मनमानी पर लगाम लग पाई है। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को लिफ्टों में लगाए जा रहे डिवाइस को लेकर 2बीएचके निवासियों के प्रदर्शन का परिणाम है की डिवाइस हटाई जाएंगी। वधवा व विनोद बजाज ने कहा कि उक्त पत्र की प्रति पुलिस को भी दे दी गई है, जहां पहले ही 100 से अधिक लोग एकल व संयुक्त शिकायत दे चुके हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से मांग की है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के उक्त पत्र का संज्ञान लेकर लगाई जा चुकी डिवाइस को जल्द हटाया जाए।