हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के सेक्टरों के लिए ली गई जमीन के मुआवजे में साढ़े तीन करोड़ का घपला सामने आया है। हुडा पंचकूला के प्रशासक संजीव वर्मा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव पी राघवेंद्र राव को जांच रिपोर्ट भेजकर इस घोटाले की जानकारी दी है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आरोपी व्यक्तियों से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की यह राशि ब्याज सहित वसूलने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। भूमि अर्जन अधिकारी कार्यालय के अफसरों की मिलीभगत से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की मुआवजा राशि बिल्डरों ने अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।
शामलात की इस जमीन के मुआवजे की रकम पंचायत को मिलनी चाहिए थी, लेकिन फर्जी पावर आफ अटार्नी (जीपीए) के जरिये यह रकम हड़प ली गई है। यह मामला पंचकूला जिले के गांव टोराना का है। करीब पांच साल पहले पिंजौर-कालका अरबन कांप्लेक्स के लिए सेक्टर दो, तीन, चार और पांच में जमीनें अधिगृहीत की गई थीं।
टोराना ग्राम पंचायत की 3.26 एकड़ जमीन भी इसके दायरे में आई थी। इसकी मुआवजा राशि जीपीए के आधार पर पंचकूला के ही प्रेम बंसल और विवेक बंसल के खातों में स्थानांतरित कर दी गई, जबकि इस राशि पर पंचायत का अधिकार बनता है।
हुडा भूमि अर्जन अधिकारी के माध्यम से ऐसी जमीनों का अधिग्रहण करता है। मुआवजा राशि भी हुडा देता है। हुडा पंचकूला के प्रशासक संजीव वर्मा के पास जब टोराना के कुछ लोगों ने शिकायत की तो उन्होंने मुख्य लेखा अधिकारी (सीएओ) तथा अतिरिक्त जिला न्यायवादी (एडीए) के नेतृत्व में एक जांच कमेटी बनाई।
इस कमेटी ने भूमि अर्जन अधिकारी (एलए) से पूरा रिकार्ड हासिल किया और जांच में पाया कि इसी कार्यालय के नायब तहसीलदार सुभाष यादव, कानूनगो रवींद्र सिंह, पटवारी राजेंद्र कुमार और सेक्शन आफिसर (एसओ) कमल नैन के साथ-साथ प्रेम बंसल व विवेक बंसल घपले में शामिल हैं। इनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।