इसका जवाब देते हुए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि समय रहते विधेयक की प्रतियां सभी विधायकों तक पहुंच जाएंगी। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने इस पर एतराज जताया। इस पर विशेषाधिकार कमेटी की रिपोर्ट सदन पटल पर रखने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन मंगलवार सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि तय कामकाज के अनुसार, सोमवार को प्रश्नकाल के अलावा विभिन्न बिलों को सदन में पेश कर उन पर बहस होनी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सदन के भीतर से फेसबुक पर लाइव हुए विधायक अमन अरोड़ा
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद आम आदमी पार्टी के विधायकों ने वेल में धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के हित में पेश किए जाने वाले विधेयक का प्रारूप तो उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाए ताकि उस पर विचार किया जा सके। विधायक अमन अरोड़ा ने सदन के भीतर से ही अपने फेसबुक अकाउंट पर लाइव होकर कहा कि इस सत्र से पहले दो दिन का सेमिनार बुलाया जाना चाहिए था। इसमें सभी विधायकों के साथ-साथ किसान संगठनों व कृषि विशेषज्ञों को बुलाया जाता। कांग्रेस सरकार किसानों को बचाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं ला रही बल्कि अपनी डूबती नैया बचाने के लिए प्रस्ताव पेश किया जाना है।
पंजाब भवन पहुंचे अकाली दल के विधायकों ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव न पेश किए जाने का कड़ा विरोध किया। इस मौके पर धरने पर बैठे बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि कैप्टन सरकार इस मामले में केंद्र की मोदी सरकार से मिल गई है और उसके इशारे पर सारा ढोंग किया जा रहा है।
सरकार किसानों से धोखा कर रही है। वह एक महीने में भी प्रस्ताव का प्रारूप तैयार नहीं कर सकी। इससे साफ है कि फिक्स मैच खेला जा रहा है। कैप्टन सरकार आज भी हॉटलाइन पर मोदी सरकार के इशारे का इंतजार करती रही। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बुलाए गए सत्र के पहले दिन किसान शब्द का जिक्र तक नहीं हुआ।
विधानसभा जा रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प
पंजाब के कथित वजीफा घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी झड़प हो गई। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। थाने में ले जाकर कुछ देर बाद सभी को छोड़ दिया गया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।