मजीठिया के बाहर आने से अकाली दल होगा मजबूत- हरसिमरत बादल
शिअद में माझा के जरनैल के नाम से पहचान रखने वाले मजीठिया को करीब साढे़ पांच माह के बाद नशा तस्करी के मामले में अदालत ने जमानत दे दी है। अकाली दल की सांसद, अकाली अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की धर्मपत्नी और बिक्रम सिंह मजीठिया की बहन हरसिमरत कौर बादल बुधवार को अपने भाई के जेल से बाहर आने पर श्री हरमंदिर साहिब नतमस्तक होने पहुंचीं और भावुक हो गईं। बिक्रम को जमानत मिलने की सूचना सुबह जैसे ही हरसिमरत को मिली व हरमंदिर साहिब माथा टेकने के लिए पहुंच गईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह सुबह ही अरदास कर राखी लेकर पटियाला जेल के लिए निकली थीं। उन्होंने अरदास की थी कि आज इस बहन को जेल में जाकर बेकसूर भाई को राखी बांधनी पड़ रही है, कृपा करो। 10-15 मिनट बाद ही मजीठिया को जमानत मिल गई। अब यह बहन किसी जेल में नहीं बल्कि हर साल की तरह घर जाकर भाई की कलाई पर राखी बांधेगीं।
हरसिमरत बादल ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया के नाम पर नशे की बात कर कुछ पार्टियों ने सियासत की है। आज कितनी ही बहनों के भाई नशे की ओवरडोज से मर गए, उन बहनों के जीवन में कितना दुख होगा। सरकार को बताना चाहिए कि मजीठिया आठ महीने जेल से बाहर नहीं रहे तो क्या राज्य में नशा घटा, बढ़ा या फिर पूरी तरह खत्म हो गया। हरसिमरत ने कहा कि सरकार को राजनीतिक बदलाखोरी बंद करनी चाहिए। नशा का शिकार हो चुके मां के बेटों और बहनों के भाइयों को बचाने के लिए मैदान में आना होगा। कुछ नेता कहते थे कि मजीठिया नशा बेचता है। अब तो मजीठिया जेल में बंद रहा, तब नशा कैसे राज्य भर में बिकता रहा। अन्य पार्टियों ने एक साजिश के तहत राजनीति करते हुए बिक्रम मजीठिया को नशा के मामले में बदनाम किया है।
हरसिमरत ने कहा कि मजीठिया के बाहर आने से अकाली दल और अधिक मजबूत होगा। वर्ष 2015 से ही राजनीतिक विरोधियों ने चारों तरफ से अकाली दल को घेरा था। अब एक बार फिर राज्य, पार्टी और धार्मिक स्थानों को घेर रहे थे। बिक्रम के जेल से बाहर आने से अकाली दल जमीन पर आकर विरोधियों को जवाब देगा। अकाली दल पंजाब और पंजाबियों की पार्टी है, पार्टी पंजाब के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार है। पंजाब के हितों को ही मुख्य रख अकाली दल ने केंद्र में कुर्सी और गठबंधन भी छोड़ा था।