चंडीगढ़ में दौड़ेंगी पीली नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सी
- फोटो : प्रतीकात्मक
पहली बार चंडीगढ़ की सड़कों पर पीली नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सी दौड़ती नजर आएंगी। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) ने दोपहिया वाहनों के व्यावसायिक उपयोग के लिए पीले नंबर प्लेट की अनुमति दे दी है। कुछ बाइक चालकों को पीली नंबर प्लेट जारी भी की जा चुकी है। इससे बाइक टैक्सी चालकों को राहत मिलेगी। हालांकि, इसके लिए एसटीए ने कुछ नियम व शर्तें भी तय की हैं।
एसटीए के अनुसार 31 अगस्त से पहले सात साल के अंदर खरीदी गई पेट्रोल बाइक को ही पीली नंबर प्लेट दी जाएगी। अगर इन बाइकों को सफेद नंबर प्लेट मिला हुआ है तो इन्हें सेक्टर-17 स्थित रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी से एनओसी लेना होगा। इसके बाद वह सेक्टर-18 स्थित स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास पीली नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें 450-500 रुपये की एक फीस चुकानी होगी।
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इसके बाद एसटीए की तरफ से पीली नंबर प्लेट जारी कर दी जाएगी। पिछले काफी समय से यह मामला अटका हुआ था, जिसकी वजह से एसटीए और बाइक टैक्सी चालकों के बीच में विवाद बढ़ता जा रहा था। कुछ महीने पहले एसटीए ने कई बाइक टैक्सी चालकों के 10-10 हजार रुपये के चालान काटे थे। इसके बाद काफी हंगामा भी हुआ था लेकिन अब पीली नंबर प्लेट होने के बाद माना जा रहा है कि ये समस्याएं लगभग खत्म हो जाएंगी।
सिर्फ नई इलेक्ट्रिक बाइकों को ही मिलेगी पीली प्लेट, ईवी के कई फायदे भी
एसटीए की तरफ से बताया गया है कि एक सितंबर के बाद अगर किसी व्यक्ति ने पेट्रोल मोटरसाइकिल खरीदी है और अगर वह उसे बाइक टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे पीली नंबर प्लेट नहीं दी जाएगी। एसटीए के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जुलाई माह में ही बाइक टैक्सी चालकों को बता दिया था कि वह इलेक्ट्रिक बाइक ही खरीदें। इलेक्ट्रिक बाइक पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर है।
अहम बात है कि इलेक्ट्रिक बाइक बिना किसी रोक टोक के मोहाली-पंचकूला में भी काम कर सकती है। केंद्र के नियमों के अनुसार उन्हें अन्य किसी राज्य में कार्य करने से नहीं रोका जा सकता इसलिए प्रशासन ने फैसला लिया है कि सिर्फ नई इलेक्ट्रिक बाइकों को ही पीली प्लेट दी जाएगी।