चंडीगढ़। शहर को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से 3 मई को अब तक के सबसे बड़े राज्यस्तरीय ड्रग फ्री चंडीगढ़ वॉक होने जा रहा है। अभियान का नेतृत्व पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना और विशेष रूप से युवाओं को मुहिम से जोड़ना है।
कार्यक्रम में चंडीगढ़ के विभिन्न सरकारी स्कूलों के करीब 2500 छात्र निर्धारित स्थानों (जीएमएसएसएस-16, 18, 22 और 23) पर एकत्रित होंगे और स्कूल यूनिफॉर्म में सेक्टर-17 के तिरंगा पार्क की ओर मार्च करेंगे। इसमें 1500 कॉलेज छात्र और एनएसएस स्वयंसेवक भी भाग लेंगे। इसके अलावा 500 छात्र चंडीगढ़ सचिवालय में एकत्र होंगे। खिलाड़ी, पूर्व सैनिक, आरडब्ल्यूए सदस्य, नगर निगम कर्मचारी, चंडीगढ़ सचिवालय, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड, इंजीनियरिंग व शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी अभियान में भाग लेंगे। कुल मिलाकर 5500 से अधिक प्रतिभागी इस जागरूकता वॉक में शामिल होंगे।
कार्यक्रम की थीम गतिविधि के तहत ट्री ऑफ लाइफ का आयोजन भी किया जाएगा, जो नशामुक्त चंडीगढ़ की प्रेरणा बनेगा। इसके साथ ही निबंध लेखन, स्लोगन लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं सभी स्कूलों में आयोजित की जाएंगी। मुख्य कार्यक्रम में सैन्य बैंड की विशेष प्रस्तुति भी होगी।
सभी स्कूलों में एक पेड़ को बनाया जाएगा नशा मुक्ति का प्रतीक
स्कूलों में पेड़ को ‘जीवन का पेड़’ कल्पतरु-जीवन वृक्ष : नशा मुक्ति के प्रतीक के रूप में नामित किया जाएगा। विद्यार्थियों और शिक्षक समाज से नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए पेड़ पर एक इच्छा लिखेंगे और उसे टांगेंगे जैसा कि सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास में पेड़ को सजाया गया है। इसके अलावा सभी सरकारी व निजी स्कूलों व कॉलेजों के 100-150 विद्यार्थी अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ मार्च करते हुए प्लेकार्ड लेकर चलेंगे। इसके बाद सभी छात्र-छात्राएं अपने-अपने स्कूलों में इकट्ठा होकर तिरंगा पार्क से हो रहे मुख्य कार्यक्रम का लाइव वेब कास्ट देखेंगे। इस अभियान को बड़ा बनाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में लाइव स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है।