नगर निगम कमिश्नर ने सिर्फ सेक्टर-22 का शत प्रतिशत सर्वे करने के लिए कहा था जबकि शहर के अन्य सेक्टरों का सिर्फ 15 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर्स का औचक सर्वे का करने के लिए कहा था, लेकिन सेक्टर-22 में जो अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से सर्वे किया गया है उसमें भी करीब 800 वेंडर्स कम पाए गए है। सर्वे की रिपोर्ट सौंप दी गई है। जबकि जब कंपनी ने जो सर्वे रिपोर्ट नगर निगम को दी है उसमें सेक्टर-22 में 1808 वेंडर्स बताए गए हैं। इन सभी का बायोमेट्रिक सर्वे किया गया है।
मालूम हो कि अतिक्रमण हटाओ दस्ते के सभी सब इंस्पेक्टरों ने अपने-अपने एरिया का सर्वे करके दे दिया है। ऐसे में वेंडर्स को लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू होगी जबकि वेंडिंग जोन भी तय किए जाएंगे। इसके साथ ही वेंडर्स कम मिलने की रिपोर्ट पर अब कमिश्नर यह भी निर्णय ले सकते हैं कि बाकी के एरिया में भी शत प्रतिशत सर्वे करवाया जाए ताकि सभी की ग्राउंड रिपोर्ट पता चल सके।
नगर निगम ने हरियाणा नवयुवा कला समागम से वेंडर्स का सर्वे करवाया था। इस कंपनी ने जो रिपोर्ट दी है उसमें बताया है कि शहर में इस समय 22 हजार से ज्यादा वेंडर्स है। निगम के साथ सर्वे से पहले कंपनी का समझौता हुआ है जिसके अनुसार प्रति वेंडर निगम को 314 रुपये के हिसाब से भुगतान करना है। ऐसे में निगम की ओर से कंपनी को करीब 68 लाख रुपये देने हैं।
सूत्रों का कहना है कि अभी नगर निगम की ओर से कंपनी को 11 लाख रुपये की राशि का ही भुगतान हुआ है। हरियाणा नवयुवा कला समागम की ओर से 18 जुलाई से लेकर पांच सितंबर, 2016 तक शहर का सर्वे किया गया। इसके साथ ही सबके नाम के साथ-साथ उन सभी आधार लिंक से भी जोड़ने का भी दावा है।
दूसरे राज्यों से आए लोग
अब एक बात यह भी सामने आ रही है कि शहर के स्ट्रीट वेंडर्स के तहत सर्वे करवाने के लिए दूसरे राज्यों से भी सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पर फड़ी लगाने के लिए आ गए जो कि अब वापस लौट गए हैं। इसके साथ ही कई नए लोगों ने सिर्फ लाइसेंस बनवाने के लिए लालच में सिर्फ उस समय ही फड़ी लगाई, लेकिन अब औचक सर्वे में वह नहीं पाए जा रहे।