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स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कारनामा, पहले तबादले किए, फिर वापिस ले लिए

Sun, 11 Sep 2016 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Department of Health - फोटो : अमर उजाला
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पहले तो 482 तबादले कर दिए, फिर 24 घंटे में उन्हें वापिस भी ले लिया गया। इस यूटर्न के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से 482 डॉक्टरों के ऑनलाइन ट्रांसफर के आदेश पर महज 24 घंटे के अंदर रोक लगा दी गई। इस पर यू-टर्न लेते हुए मंत्री अनिल विज ने अगले आदेश तक डॉक्टरों को रिलीव न करने के भी सभी सिविल सर्जन को निर्देश दे दिए हैं।
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शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश भर के 482 चिकित्सकों के ऑनलाइन तबादले व नियुक्ति के आदेश जारी किए गए थे। इनमें 42 वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, जबकि 440 चिकित्सा अधिकारियों को शामिल किया गया था। इस बीच तबादले के लिए स्वास्थ्य विभाग में शुरू हुई ऑनलाइन प्रक्रिया को रोकने का आदेश देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि तबादलों से संबंधित डाटा अपलोड करने में अनियमितताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद यह रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैन्यूअल जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की रिलीविंग पर भी रोक लगा दी है। इसकी वजह के बारे में विज ने कहा कि कुछ ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि तबादलों से संबंधित डाटा अपलोड करने में अनियमितताएं हुई हैं। जांच पूरी होने तक रोक जारी रहेगा। 
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डॉक्टर दंपतियों का तैयार नहीं हो सका डाटा

तबादला - फोटो : demo pics
डॉक्टरों के ऑनलाइन तबादले पर इसलिए रोक लगाई गई, क्योंकि कुछ डॉक्टर दंपतियों के तबादले के मामलों से संबंधित डाटा भी पूर्ण नहीं हो सका था। ऐसे में उन डॉक्टरों के तबादले से परिवार भी प्रभावित होने की चिंता सताने लगी थी। स्वास्थ्य मंत्री ने माना है कि तबादले पर रोक का कारण डॉक्टर दंपतियों से जुड़ा मुद्दा भी है। 

एक दिन मंत्री ने यह कहा
शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा था कि ऑनलाइन तबादला नीति के तहत चिकित्सकों का ट्रांसफर किया गया है। रेशनलाइजेशन व चिकित्सकों के ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर ही यह तबादले किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार इस प्रक्रिया को अपनाया गया है। इस मामले में किसी के साथ कोई भेदभाव या पक्षपात नहीं किया गया है। ऑनलाइन तबादला नीति को विभाग की वेबसाइट पर डाला गया था। इस बीच मिले सुझावों को तबादले का आधार बनाया गया।
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