शहीद कैप्टन मंदीप हैरी की बेटी गुरमेहर कौर बुधवार को लंबे इंतजार के बाद अर्बन इस्टेट स्थित कोटी से बाहर आई। वह सिर्फ इतना ही बोलीं कि जिन लोगों ने मुझे सपोर्ट किया, उनका धन्यवाद। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हूं, इसलिए दोबारा अपने इंस्टीट्यूट पढ़ने के लिए चली जाऊंगी। यह कहकर फिर कोठी के भीतर चली गई।
गुरमेहर अर्बन इस्टेट फेस टू जालंधर में कोठी नंबर 114 में रहती हैं। उनकी मां राजविंदर कौर आबकारी व कराधान विभाग की उच्च अधिकारी हैं। गुरमेहर कौर मंगलवार रात ही दिल्ली से जालंधर पहुंचीं। स्थानीय पुलिस की ओर से दो मुलाजिम उनकी सिक्योरिटी में तैनात कर दिए गए हैं।