फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी मैदान में सिद्धू का नया सियासी शॉट, क्यों-कैसे और आगे क्या?

Sat, 03 Sep 2016 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
d
विज्ञापन
तमाम चर्चाओं को दरकिनार करते हुए पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने सियासी गलियारे में गुगली फेंकी।
विज्ञापन


उन्होंने आवाज-ए-पंजाब नाम के नए मोर्चे का गठन कर राजनीतिक समीकरणों को अलग रुख दे दिया। 

सिद्धू के नेतृत्व में बने इस मोर्चे में अकाली दल से निलंबित विधायक व ओलंपियन परगट सिंह और शिअद के पूर्व सक्रिय नेता व लुधियाना से विधायक बैंस बंधु शामिल हैं। सिद्धू की पत्नी और अमृतसर से भाजपा विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने नए मोर्चे के गठन की पुष्टि करते हुए कहा कि इसकी विधिवत घोषणा 2-3 दिन में कर दी जाएगी।

जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने शुक्रवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर सिद्धू और बैंस बंधुओं सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस की तस्वीर के साथ नए मोर्चे के गठन की घोषणा कर पंजाब के राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी।
विज्ञापन

आप में जाने की थी चर्चा

नवजोत सिद्धू ने की अरविंद केजरीवाल से मीटिंग - फोटो : फाइल फोटो
पहले संभावना जताई जा रही थी कि सिद्धू और परगट आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। 19 अगस्त को आप के संयोजक केजरीवाल ने कहा था कि सिद्धू को कुछ और समय चाहिए, लेकिन पिछले एक सप्ताह बने नए समीकरणों के बीच इस नए मोर्चे का गठन हुआ। 
-----------------------
मुख्यमंत्री चेहरा होंगे सिद्धू
बैंस का कहना है कि सिद्धू नई पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा होंगे। हम पंजाब के विकास के लिए हम सोच लोगों के साथ संपर्क में हैं और यह गैर अकाली, गैर कांग्रेस और गैर आप राजनीतिक फ्रंट होगा। हाल ही में आप प्रदेश संयोजक पद से हटाए गए सुच्चा सिंह छोटेपुर और अन्य नेताओं से भी संपर्क में हैं। बता दें कि भाजपा कोटे से राज्यसभा सदस्य बने सिद्धू ने 18 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सिद्धू की पत्नी और भाजपा विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने पहले ही बागी तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे।
विज्ञापन

असंतुष्ट नेताओं की टोली है यह मोर्चा: बादल

CM Badal and Kejriwal - फोटो : file photo
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नवगठित ‘आवाज-ए-पंजाब’ फ्रंट को मौकापरस्त और असंतुष्ट नेताओं की टोली बताया है।

उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की सियासत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह मोर्चा सत्ता में आने के लालच और लालसा से पैदा हुआ है।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे और भी कई मोर्चे पैदा होंगे। मगर उन्हें मालूम है कि राज्य की जनता की ओर से सिर्फ शिअद-भाजपा गठबंधन को ही समर्थन दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि शिअद-भाजपा की ओर से कई विकास कार्य किए गए हैं, जिन्हें लोग कभी अनदेखा नहीं करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें