चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में रविवार को खेले गए बीएमडब्ल्यू गोल्फ टूर्नामेंट में उड़न सिख मिल्खा सिंह ने भी हाथ आजमाए। उन्होंने कहा कि इस गोल्फ कोर्स से मेरी कई यादें जुड़ी हैं। मैंने इसी गोल्फ कोर्स पर 1964 से खेलना शुरू किया था और अब भी जब समय मिलता है, यहां पहुंच जाता हूं।
यहीं से मेरे बेटे जीव को भी इस खेल से लगाव हुआ। यदि इस उम्र में भी मैं स्वस्थ हूं तो इसमें गोल्फ का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि युवाओं को पैसे के लिए नहीं, बल्कि तिरंगे के लिए खेलना चाहिए।
पत्नी ने फिर से शुरू किया गोल्फ खेलना
मिल्खा सिंह ने अपनी पत्नी निर्मल कौर के दोबारा से गोल्फ शुरू करने पर खुशी जताते हए कहा कि निर्मल कौर घुटनों की बीमारी के कारण पिछले कई महीनों से अधिकतर समय चेयर और बेड पर रही हैं। घुटनों में अब भी दर्द है, लेकिन उन्होंने हिम्मत के बल पर खेलना शुरू कर दिया।