दिल्ली में घूमता भी दिखा
अमृतपाल सिंह और पपलप्रीत सिंह का मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया। ताजा फुटेज में पुलिस से बचने के लिए वह बिना पगड़ी के नजर आ रहा है। यह सीसीटीवी फुटेज 21 मार्च का दिल्ली के एक बाजार का बताया जा रहा है। इसमें अमृतपाल काला चश्मा, मास्क और डेनिम जैकेट पहने सड़क पर चलते दिख रहा है। उसके पीछे पपलप्रीत सिंह को बैग के साथ चलते देखा जा सकता है। इस फुटेज पर फिलहाल पंजाब पुलिस का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अमृतपाल 18 मार्च से फरार है।
हाईकोर्ट में सरकार ने कहा-अमृतपाल को पकड़ने के करीब है पंजाब पुलिस
पंजाब सरकार ने मंगलवार को ही हाईकोर्ट में कहा कि अमृतपाल पंजाब पुलिस की हिरासत में नहीं है। पंजाब पुलिस उसे पकड़ने के काफी करीब है। यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है और सरकार इसे देखते हुए अन्य सुरक्षा एजेंसियों से तालमेल कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। वहीं, याचिकाकर्ता ने सरकार की इन दलीलों को नकार दिया और कहा कि अमृतपाल पुलिस की हिरासत में है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आप ऐसा कोई सबूत पेश करें, जो साबित करता हो कि अमृतपाल को सरकार ने अवैध हिरासत में रखा है। कोर्ट ने याची को बुधवार तक की मोहलत देते हुए इस बारे में सबूत व जानकारी देने का आदेश दिया है। वारिस पंजाब दे संगठन के सदस्य ईमान सिंह खरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि अमृतपाल को पंजाब पुलिस ने अवैध हिरासत में रखा है।
कैसे चकमा दे रहा अमृतपाल?
अमृतपाल को पंजाब पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। मगर उसके फोटो और सीसीटीवी फुटेज लगातार सामने आ रहे हैं। उसे जालंधर, लुधियाना, पटियाला और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में देखा जा चुका है। इस बीच मदद करने वाले कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया। सोमवार को एनर्जी ड्रिंक पीते उसकी एक फोटो अपने साथी पपलप्रीत के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद जुगाड़ गाड़ी पर बैठे उसकी नई तस्वीर ने सनसनी फैला दी। खबर नेपाल तक पहुंच गई। आशंका यह जताने जाने लगी कि अमृतपाल नेपाल पहुंच चुका है। वह यहां से विदेश भाग सकता है। आनन-फानन भारत ने अमृतपाल को किसी तीसरे देश न भागने देने का आग्रह नेपाल से कर दिया। लेकिन इस बीच उसके पंजाब में होने की खबर ने सबको हैरत में डाल दिया है। वह लगातार सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमृतपाल अगर दिल्ली गया था तो वह कैसे पंजाब लौटा?