उधर, आईजी अरुण कुमार ने बताया कि जेल में मिलने वाले मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि जेल से अब तक जितने स्मार्टफोन मिले हैं, उनको जांच के लिए लैब में भेजा गया है और उनमे मिले सिम की भी जांच की जा रही है कि मोबाइल एवं सिम किसके नाम पर हैं। इसके अलावा पुलिस पता लगा रही कि आखिर जेल में किसकी मदद से कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचते हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही जेल में मिलने वाले मोबाइल मामलों में खुलासा किया जाएगा।
सोमवार को फिर मिले जेल से दो मोबाइल फोन
केंद्रीय जेल में बंद कैदियों से मोबाइल फोन मिलना लगातार जारी है। नौ फरवरी को जेल प्रशासन ने चेकिंग दौरान तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। जिस के बाद सोमवार को फिर से जेल प्रशासन ने चेकिंग दौरान दो मोबाइल फोन बरामद किए। थाना कैंट पुलिस ने जेल के सहायक डिप्टी अधियक्षक जोगिंदर सिंह के बयान पर कैदी गइयां खां के अलावा कैदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।