पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित एक बड़े होटल में रेमडेसिविर दवा के खरीद-फरोख्त के लिए आए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक-दूसरे से बात करने के लिए ज्यादातर व्हाट्सएप चैटिंग का इस्तेमाल करते थे या फिर मीटिंग कर एक-दूसरे से मिला करते थे। आरोपी अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस अब इनके व्हाट्सएप कॉलिंग व चैटिंग की भी जांच कर रही है।
ऐसे हुआ था खुलासा
ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-17 के एक बड़े होटल से केरल निवासी अभिषेक, फिलिप जैकब, केपी फ्रांसिस, साउथ दिल्ली के कालका निवासी सुशील कुमार, भोपाल निवासी प्रभात त्यागी को रेमडेसिविर दवा को अवैध तरीके से बेचने की डीलिंग करते पकड़ा। इसके बाद पुलिस ने बद्दी स्थित फार्मा कंपनी के डायरेक्टर गौरव चावला को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी चार दिन के रिमांड पर हैं।
रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते फार्मासिस्ट गिरफ्तार
उधर, रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने पर पंचकूला के सेक्टर-26 क्राइम ब्रांच की टीम ने एक फार्मासिस्ट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिव कुमार निवासी रामकला कालोनी बहादुरगढ़ जिला झज्जर के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच सेक्टर- 26 पंचकूला की टीम ने 18 अप्रैल को सेक्टर-11 पंचकूला से अवैध रूप से रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की सूचना पर छापा मारा था। इसमें क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 और पंचकूला ड्रग्स नियंत्रण अधिकारी की टीम ने जांच की।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 पंचकूला की टीम ने नकली ग्राहक तैयार करके रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने के लिए कॉल किया जो प्रति इंजेक्शन का मूल्य 13000 रुपये में देने के लिए कहा। नकली ग्राहक क्राइम ब्रांच के सदस्य इंजेक्शन खरीदने गए। इंजेक्शन का सौदा तय करने के बाद क्राइम ब्रांच इंचार्ज अमन कुमार को सूचित किया गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 18 इंजेक्शन बरामद किए। आरोपी को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।