जंग-ए-आजादी मेमोरियल फंड में अनियमितताओं को लेकर पंजाब विजिलेंस की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार बरजिंदर सिंह हमदर्द को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने विजिलेंस को आदेश दिया है कि अगर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तो इससे पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए। इस मामले में हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को फिलहाल नोटिस जारी करने से इन्कार कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच की मांग पर बाद में सुनवाई की जाएगी।
याचिका दाखिल करते हुए बरजिंदर सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीतिक रंजिश से प्रेरित हैं। इस मामले में उन्हें विजिलेंस ने पूछताछ के लिए बुलाया है और उन्हें अंदेशा है कि सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। वह जांच को तैयार हैं लेकिन इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसे में इस मामले में जांच पंजाब विजिलेंस के बजाय सीबीआई से करवाई जाए।
साथ ही हाईकोर्ट से अपील की गई कि याचिका लंबित रहते विजिलेंस को याची के खिलाफ कार्रवाई न करने का आदेश दिया जाए। याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि हमदर्द को जांच में शामिल होने के लिए विजिलेंस कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। विजिलेंस उन्हें अपने सवालों की सूची सौंपेगी जिसका वह दो हफ्ते में जवाब देंगे। इसके साथ ही अगर इस मामले में विजिलेंस एफआईआर दर्ज करती है तो उन्हें पहले सात दिन का नोटिस दिया जाएगा। मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।