फेज-6 से बलौंगी तक बनाए जाने वाले फ्लाईओवर के मामले में सोमवार को संघर्ष कमेटी की एसडीएम लखमीर सिंह की अगुवाई में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से मीटिंग हुई।
मीटिंग में एनएचआई के अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह फ्लाईओवर निर्माण के लिए नए सिरे से सर्वे करवाएंगे। मकानों और गुरुद्वारों को किसी भी प्रकार की आंच नहीं आएगी। 15 फरवरी तक तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, संघर्ष कमेटी ने तय किया कि जब तक फ्लाईओवर से उन्हें स्थाई रूप से राहत नहीं मिलती है, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह फ्लाईओवर के विरोध में गठित संघर्ष कमेटी की तरफ से डीसी आफिस तक रोष मार्च निकाला गया। साथ ही डीसी दफ्तर के बाहर से गुजर रही सड़क पर जाम लगाया था। इसके बाद बाद पार्षद आरपी शर्मा की अगुवाई में संघर्ष कमेटी के लोगों ने डीसी से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र सौंपा था।
डीसी तेजिंदर पाल सिंह सिद्धू ने उसी समय एसडीएम लखमीर सिंह को संघर्ष कमेटी की नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से मीटिंग करवाकर मामला निपटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद शाम को पंचकूला स्थित नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से संघर्ष कमेटी के मेंबरों की बैठक हुई।
बैठक में एसडीएम भी मौजूद रहे। इस दौरान नेशनल हाईवे अथारिटी के अधिकारियों ने लोगों की दलीलों को ध्यान से सुना। इसके बाद उन्होंने लोगों को विश्वास दिया कि नए सिरे फ्लाईओवर का सर्वे करवाया जाएगा। साथ ही लोगों को किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं आने दी जाएगी।
पार्षद आरपी शर्मा ने बताया कि मीटिंग काफी बढ़िया रही है। मीटिंग में अधिकारियों ने दारा स्टूडियो तक ही फ्लाईओवर निर्माण के संकेत दिए है। हालांकि, बाकि स्थिति सर्वे के बाद ही साफ होगी। मीटिंग में बीएस पुन्नी, जसपाल सिंह संधू, जसपाल सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मेंबर राम सिंह व स्वर्ण सिंह बैदवान समेत कई लोग मौजूद थे।
ऐसे बना था घरों और गुरुद्वारे को खतरा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने फ्लाईओवर का काम एलएंडटी कंपनी को सौंपा है। कंपनी ने इलाके में प्री कंस्ट्रक्शन सर्वे की कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत जहां तक यह फ्लाईओवर बनना है। वहां तक के एरिया की निशानदेही की जा रही है। लेकिन, जैसे ही कंपनी ने फेज-6 में निशानदेही व मार्किंग का काम शुरू किया था। उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। क्योंकि फ्लाईओवर के लिए जो ब्रिज बनाया जाना है।
वह फेज-6 की कोठी नंबर-210 से लेकर 264 तक बनाया जाना है। इसके अलावा फेज-6 स्थित गुरुद्वारा का एरिया भी फ्लाईओवर की चपेट में आ रहा है। करीब 54 घर इसकी चपेट में आएंगे। कहीं पर कोठियों का तीन से चार मीटर तक एरिया में इसमें आएगा।
इसके बाद पहले लोगों ने भूख हड़ताल की थी। फिर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों से मुलाकात की थी। लेकिन वह नोटिफिकेशन की कॉपी नहीं दिखा पाए थे। इसके बाद काम बंद करवा दिया था।
नेशनल हाईवे का स्टेटस नहीं, तो फ्लाईओवर क्यों
संघर्ष कमेटी के पैटर्न बीएस पुन्नी ने बताया कि पहले तो जिस सड़क पर यह फ्लाईओवर बनाने की तैयारी की गई है। वह पूरी तरह उचित नहीं है। क्योंकि एक तो यह नेशनल हाईवे -21 नहीं है। नेशनल हाईवे-21 बस स्टैंड के पास से होकर गायत्री शक्ति पीठ तक जाता है। ब्रिज बनाने की सही जगह वेरका चौक ही है। क्योकि वहां पर कई सड़क एक साथ मिलती है। अगर यहां से फ्लाईओवर बनता है तो आम लोम मुसीबत में नहीं आएंगे। वरना लोगों को गाड़ी पकड़ने के लिए बलौंगी जाना पड़ेगा।
हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव पास हुआ
गत नगर निगम की हाउस की मीटिंग में एलिवेटेड ब्रिज के संबंध में प्रस्ताव पास किया गया था। इसमें सेक्टर-39 की जगह मोहाली के फेज-6 वेरका चौक से ब्रिज बनाने के संबंध प्रस्ताव पास किया गया था। वहीं, निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने बताया कि वह लोगों के साथ है। साथ ही इस बारे मे लोगों को पूरा सहयोग दिया जाएगा।