सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरमैन एसपी ओबेरॉय
पाकिस्तानी युवक की हत्या के मामले में दुबई में फांसी का सजा पा चुके 10 भारतीयों को बड़ी राहत मिली है। अपीलीय अदालत ने मृतक के परिवार से समझौते के लिए सहमति पर ब्लड मनी का मामला विचारने के लिए एनआरआई एसपी सिंह ओबराय को मोहलत दे दी है।
केस की सुनवाई 23 जनवरी को तय की गई है। फांसी की सजा को 10 पंजाबियों ने अपील अदालत में चुनौती दी थी जिसकी सुनवाई करते अदालत ने सारे पंजाबियों को सरकारी वकील 21 दिसंबर को ही दे दिए थे। ओबराय एक समाजसेवी की तरफ से अदालत में अपने वकील के साथ पेश हुए।
जज ने ओबराय से पूछा एक सवाल
एसपी सिंह ओबराय, चेयरमैन, सरबत दा भला
जज ने ओबराय को सवाल किया कि वह सजा पाए पंजाबियों को जानते हैं तो उन्होंने कहा कि इनके परिवार वाले उन्हें भारत में पंजाब स्थित उनके दफ्तर में मिले थे। वह इनके केस में ब्लड मनी देकर इनकी जान बचाना चाहते हैं।
ओबराय ने अदालत को यह भी स्पष्ट किया कि वह इन आरोपियों को नहीं जानते और न ही कभी इन्हें मिले हैं। वह सिर्फ मानवता के तौर पर इनकी मदद कर रहे हैं।
इस पर अदालत ने ओबराय की अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें केस में स्पष्ट किया कि पेशावर के रहने वाले मृतक मोहम्मद फरहान मोहम्मद इजाज के परिवार की तरफ से सहमति देने के बाद ही केस की आगे की सुनवाई हो सकेगी।
इस पर ओबराय ने कहा कि वह अपने प्रतिनिधि के जरिए पेशावर स्थित मृतक के परिवार के साथ संपर्क स्थापित कर यह सहमति हासिल करने का प्रयास करेंगे।
2012 में 17 युवक छुड़ाए थे ब्लड मनी देकर
Punjabi's in Kuwait Jail
- फोटो : Amar ujala
उल्लेखनीय है कि एसपी सिंह ओबराय ने 2012 में 17 भारतीय को दुबई में ब्लड मनी देकर छुड़वाया था। अब इन पंजाबियों के परिवार की तरफ से भी एसपी सिंह ओबराय के साथ संपर्क किया गया है।
पिछले साल हुई मारपीट में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत के मामले में 11 पंजाबियों के खिलाफ केस चला था। उनमें से एक को जुर्माना लगाया गया था, जबकि दस को फांसी की सजा सुनाई गई थी।
जिन पंजाबियों को फांसी की सजा सुनाई गई है उनमें बरनाला के सतमिंदर सिंह, होशियारपुर के चंद्रशेखर, मालेरकोटला के चमकौर सिंह, कुलविंदर सिंह, लुधियाना के धर्मवीर सिंह, तरनतारन के कुलविंदर सिंह, मोहाली के हरजिंदर सिंह, अमृतसर के तरसेम सिंह, पटियाला के गुरप्रीत सिंह और गुरदासपुर के जगजीत सिंह शामिल हैं।