हजारों अभिभावकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। नौनिहालों का स्कूल में दाखिला कराते समय अब जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी पड़ेगी। दरअसल, प्रदेश के स्थायी व अस्थायी मान्यता प्राप्त सात हजार दो सौ निजी स्कूल शैक्षणिक सत्र 2017-18 में अपनी स्कूल फीस में कोई वृद्धि नहीं करेंगे।
स्कूल प्रबंधकों ने फीस बढ़ाने का मसौदा सरकार को नहीं सौंपा है। 3175 निजी स्कूलों ने ही सरकार को नए सत्र के लिए फीस संबंधी फार्म-6 भर ऑनलाइन जमा कराए हैं। ये स्कूल भी मात्र दस प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकेंगे, इसके लिए उन्हें सरकार को बताना होगा कि कौन सी अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई है।
प्रदेश में कुल दस हजार दो सौ स्थायी व अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। इनमें 32 सौ स्थायी मान्यता प्राप्त और लगभग सात हजार अस्थायी मान्यता प्राप्त हैं। इनमें सीबीएसई से संबद्धता प्राप्त स्कूल भी शामिल हैं।
दिसंबर में जरूरी कर दिया था फॉर्म 6 भरना
नर्सरी दाखिला प्रक्रिया शुरु
सरकार ने बीते दिसंबर महीने में इनकी मनमाफिक फीस बढ़ोतरी पर शिकंजा कसते हुए फार्म-6 भरना अनिवार्य किया था। इसमें स्कूलों को 2017-18 के शैक्षणिक सत्र के लिए फीस का प्रस्तावित ढांचा भरना था। 31 दिसंबर अंतिम तिथि थी, जिसके भीतर मात्र 3175 स्कूलों ने ही फार्म-6 भरकर नया फीस ढांचा प्रस्तावित किया है।
ये भी फीस वृद्धि तभी लागू कर सकेंगे, जब स्कूल शिक्षा विभाग की समिति निरीक्षण कर अपनी जांच रिपोर्ट में स्वीकृति प्रदान करेगी। अभी तक स्कूल मनमाने तरीके से हर नए सत्र में छात्रों पर फीस वृद्धि का बोझ डाल देते थे। इसे देखते हुए ही इस बार स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र शुरू होने से पहले ही फार्म-6 में पूरी जानकारी मांगी थी।
फार्म न भरने वालों पर रखेंगे नजर : दास
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा पीके दास ने कहा कि जिन स्कूलों ने फार्म-6 भरा है, वे ही सरकार की मंजूरी से जायज फीस बढ़ोतरी कर सकते हैं। बाकी स्कूलों पर विभाग की उच्च स्तरीय समिति नजर रखेगी। फीस बढ़ाने पर मान्यता रद करेंगे।