कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू, सोनिया गांधी।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी पार्टी अध्यक्ष पंजाब के बदले सियासी समीकरणों में अब चुनाव की कमान किसे सौंपेंगी, यह सवाल उठने लगे हैं। यह जिम्मेदारी भी नवजोत सिद्धू को सौंपी गई तो कांग्रेस का अगला मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा। हालांकि, सिद्धू को चुनाव की कमान सौंपे जाने पर स्पष्ट हो जाएगा कि वे ही कांग्रेस के अगले मुख्यमंत्री होंगे। ऐसे पार्टी में कैप्टन के लिए सम्मानजनक स्थिति नहीं रह जाएगी।
नवजोत सिंह सिद्धू के तल्ख तेवर बता रहे हैं कि वह कैप्टन की शर्त के अनुसार सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को तैयार नहीं हैं। वह 23 जुलाई को विधिवत रूप से प्रधान पद संभालेंगे। उस दिन तक सिद्धू और कैप्टन एक-साथ आ गए तो पंजाब कांग्रेस का सारा क्लेश खत्म हो जाएगा।
मौजूदा स्थिति ही बनी रही तो कैप्टन से विधायक दल का नेता पद वापस लेने की कोशिशें शुरू हो सकती हैं। कैप्टन इसे सबसे बड़ी चुनौती से निपटने के लिए अपने सियासी अनुभव का इस्तेमाल कर सिद्धू को चारों खाने चित्त करने का पासा फेंककर भी स्थिति बदल सकते हैं।
प्रधानी को लेकर इतिहास दोहराएगी पंजाब कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालें तो प्रताप सिंह बाजवा को भी इसी तरह साइडलाइन कर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली थी। इसके बाद कैप्टन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी समेत जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री पद हासिल किया था।
वर्तमान में सिद्धू को जैसे प्रदेश प्रधान बनाया गया है, उसमें कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही साइडलाइन किया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान अब 2022 का चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़ेगी। अब यह सिद्धू पर निर्भर होगा कि वे पार्टी को कितनी सफलता दिला सकेंगे और प्रदेश प्रधान के बाद कांग्रेस सरकार का मुख्यमंत्री बनकर इतिहास दोहराएंगे।