हरियाणा सरकार ने बिल्डिंग कोड में किया संशोधन, पोडियम पार्किंग का मतलब जमीन से ऊपर पार्किंग का निर्माण
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बड़े प्लॉटों में पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए पोडियम पार्किंग बनाने की अनुमति देने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह ने हरियाणा बिल्डिंग कोड में संशोधन कर इसके आदेश लागू कर दिए हैं। नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) में पोडियम पार्किंग की व्यवस्था है, मगर इसे कभी आजमाया नहीं गया। बाढ़ के खतरे और पार्किंग स्पेस कम होने से इसकी जरूरत महसूस की जाने लगी थी। हरियाणा सरकार ने अध्ययन के बाद इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं।
पोडियम को सरल शब्दों में कहे तो यह पार्किंग बेसमेंट के बजाय अब फर्स्ट फ्लोर पर बनेगी। यह एक से ज्यादा भी हो सकती है। यानी एक से ज्यादा फ्लोर बनाए जा सकते हैं। हालांकि, इसकी कुल ऊंचाई जमीन के स्तर से 30 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मुताबिक पोडियम की निर्माण की अनुमति 1500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्र के प्लॉट में दी जाएगी। खास बात यह है कि यह क्षेत्र एफएआर और ग्राउंड कवरेज से मुक्त होगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने पोडियम में शौचालय और ड्राइवर के विश्राम कक्ष बनाने की भी अनुमति भी दी है। वाहनों के लिए रैंप की भी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।