पंचकूला समेत पूरे हरियाणा में इंटरनेट बंद था, फिर भी पंचकूला में बैठे लोगों को कंट्रोल कैसे किया जा रहा था, देखिए अब खुलासा हुआ है।
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Ram Rahim Rape case verdict
- फोटो : File Photo
डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश में शामिल कमांडो इंचार्ज करमजीत काफिले के पंचकूला पहुंचने से पहले भी लगातार अन्य साथियों के संपर्क में था।
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जैमर युक्त वाहनों के साथ साथ चलते हुए भी इस साजिश को अंजाम देने के लिए वॉकी टॉकी का इस्तेमाल कर रहा था। इस मामले में पुलिस अब तक गुरमीत के 11 सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें पुलिस कर्मियों के अलावा निजी सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं।
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पंचकूला में उपद्रवियों को पनाह देने में गोविंद ने रची थी साजिश
बता दें कि 25 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे फरार कराने की कोशिश की, जिसे नाकाम कर दिया गया। लेकिन इसके लिए प्लानिंग किसने और किसके इशारे पर रची, पुलिस इससे जुड़े तमाम पहलुओं की छानबीन कर रही है।
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Ram Rahim
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तीन दिन पहले पुलिस ने करमजीत को पटियाला से गिरफ्तार किया है। उसके नाम पर एके-47 और एक पिस्टल भी जारी थी, जिसकी जानकारी भी उसने पटियाला में नहीं दी। मामले में पहले गिरफ्तार हुए एक निजी सुरक्षा गार्ड प्रीतम को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।
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Ram Rahim
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इससे पहले भी डेरा प्रमुख को फरार कराने की साजिश में शामिल आरोपियों से हुई पूछताछ का मिलान करने के बाद पुलिस को किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने की उम्मीद है।
पुलिस इस बात की भी छानबीन कर रही है कि आखिरकार डेरा प्रमुख को छुड़ाने की इस साजिश में कौन कौन शामिल हैं।
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Ram Rahim In Panchkula Court
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पंचकूला में हुए बवाल के बाद वहां से भागकर चंडीगढ़ में प्रवेश करते पकड़े गए डेरा प्रमुख के छह कमांडो में से दो अनूप, सुखविंदर और जिप्सी ड्राइवर रंजीत की जमानत याचिका जिला अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। इससे पहले पुलिस की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया था कि अभी केस की जांच चल रही है, ऐसे में अगर आरोपियों को जमानत दी गई तो आरोपी केस की जांच पर असर डाल सकते हैं।
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Ram Rahim Verdict
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इससे पहले रंजीत, अनूप और सुख्विंदर की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि उन्हें पुलिस ने केस में झूठा फंसाया है। वह पंचकूला से सिरसा की ओर जा रहे थे और गलती से चंडीगढ़ में प्रवेश कर गए। साथ ही कहा था कि उन्होंने कोई भी हिंसक वारदात नहीं की है, न चंडीगढ़ में और न ही पंचकूला में। वहीं उनके खिलाफ पहले भी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
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Ram Rahim Rape case verdict
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वहीं पुलिस की ओर से जवाब दाखिल करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी। बता दें कि 25 अगस्त को पंचकूला में डेरा प्रमुख राम रहीम को यौन शोषण मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया था। उपद्रव के बाद पुलिस के लाठीचार्ज और जवाबी कार्रवाई के बाद लोग तितर-बितर हो गए थे।
वहीं डेरा प्रमुख के कारों के काफिले के साथ आए पांच कमांडो और एक जिप्सी ड्राइवर को मनीमाजरा थाना पुलिस ने चंडीगढ़ में प्रवेश करते हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। ये लोग एक जिप्सी में थे और इनके पास से एक पिस्टल, 25 कारतूस, पेट्रोल की कैनी बरामद हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों में जिप्सी ड्राइवर रंजीत, धर्मेंद्र, अनूप, सुखविंदर, मनिंदर और कृष्णपाल शामिल हैं। थाना पुलिस ने इनके खिलाफ 147, 148, 149, 188, 120बी आईपीसी और आर्म्स एक्ट 25-27-54-59 के तहत केस दर्ज किया था।