जिन पीएफ अंशधारकों के खातों में तीन सालों से कोई अंशदान नहीं आ रहा है, अब उनके खातों को निष्क्रिय करने की कवायद शुरू हो गई है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त केपी सिंह ने बताया कि इन खातों पर तीन वर्ष के बाद कोई ब्याज भी नहीं दिया जाता है। इसलिए ऐसे खाताधारकों से उनकी अपील है कि वह अपना भविष्य निधि का पैसा शीघ्र निकलवा लें।
साथ ही, क्लेम के लिए फोटो वाला पहचान पत्र, नियोक्ता से सत्यापित बैंक पासबुक की प्रति और क्लेम फॉर्म पीएफ कार्यालय में भेजें।
सरकार ने 1 जून से आयकर की धारा 192ए में संशोधन करते हुए भविष्य निधि की निकासियों पर आयकर विभाग के टीडीएस लागू कर दिए हैं।
अब पीएफ राशियों की पांच साल से पहले और 30 हजार से अधिक की निकासी पर आय कर का टीडीएस कटेगा।