हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की लोकसभा में जाने में दिलचस्पी नहीं है, इसलिए प्रदेश के बड़े चेहरों ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी के पास आवेदन नहीं किया है।
इनमें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला, कुमारी सैलजा, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव, कुलदीप शर्मा, किरण चौधरी के नाम शामिल हैं। ये सभी नेता अपने-अपने हलकों में सक्रिय हैं और विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे हैं। लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वाले अधिकतर पुराने चेहरे हैं।
कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा की दसों लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं से आवेदन मांगे थे। 29 जनवरी से 7 फरवरी तक 314 से अधिक आवेदन आए हैं। खास बात ये है कि इनमें प्रदेश का कोई भी बड़ा चेहरा सामने नहीं आया है। हालांकि, हाईकमान बिना आवेदन करने वाले नेताओं को भी चुनाव मैदान में उतार सकता है।
सोनीपत में सबसे अधिक 79 और रोहतक में सबसे कम तीन ने किया आवेदन
सबसे अधिक सोनीपत लोकसभा सीट के लिए 79 आवेदन आए हैं और सबसे कम आवेदन रोहतक से 3 आए हैं। रोहतक से पिछली बार दीपेंद्र हुड्डा सांसद थे, लेकिन पिछली बार भाजपा के अरविंद शर्मा ने उनको हराया था। इसी प्रकार, सोनीपत सीट से पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को भाजपा के रमेश कौशिक से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार करनाल से 48, कुरुक्षेत्र से 45, सिरसा से 40, अंबाला से 40, हिसार से 34, गुरुग्राम से 10, फरीदाबाद से 9, भिवानी-महेंद्रगढ़ से 6 नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए आवेदन किया है।
नेताओं ने परिवार के सदस्यों को किया आगे
किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी ने भिवानी से, पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह के बेटे गौरव संपत सिंह ने हिसार और कुलदीप शर्मा के बेटे चाणक्य शर्मा ने करनाल से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। वहीं पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह के बेटे विजय प्रताप सिंह ने फरीदाबाद और पूर्व मंत्री जेपी ने हिसार के लिए आवेदन किया है।
सभी वरिष्ठों को लड़ना चाहिए चुनाव : हुड्डा
हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के लोकसभा चुनाव लड़ने से किनारा करने के सवाल पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मेरा मानना है कि सभी वरिष्ठों को चुनाव लड़ना चाहिए। सूची से अलग जीतने वाले उम्मीदवारों को भी टिकट दिया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि केवल आवेदन करने वालों को ही टिकट मिलेगा।