प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर ग्वालियर के युवक के साथ फर्जीवाड़ा सामने आया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-12 सी-111/16 से ग्वालियर के सौमित्र कुमार को भारत सरकार के नाम पर एक नियुक्ति पत्र भेजा गया, जिसमें लिखा है कि भारत सरकार के प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत ग्वालियर निवासी सौमित्र कुमार को 24500 रुपये प्रतिमाह वेतन पर ग्राहक सेवा प्रतिनिधि के पद पर नियुक्त किया गया है।
सौमित्र ने बताया कि चंडीगढ़ के कौशल विकास सेंटर से फोन आया कि रजिस्ट्रेशन व वेरिफिकेशन के लिए 2200 रुपये जमा कराने होंगे। इसके अलावा नौकरी ज्वाइन करने से पहले ट्रेनिंग के लिए 15 हजार रुपये सिक्योरिटी जमा करानी होगी, जोकि बाद में रिफंड कर दी जाएगी।
जब इस लेटर के बारे में पता चला तो अमर उजाला ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (एनएसडीसी) के चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के राज्य प्रमुख रजत भटनागर से बात की। उन्होंने बताया कि ऐसी शिकायत पहले भी आई थी। उन्होंने यूटी प्रशासन के संबंधित विभाग को जांच करने के लिए कहा है। पत्र को भारत सरकार के कौशल विकास केंद्र को भेज दिया गया था ताकि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़ा को रोकने केलिए कदम उठाए जा सकें।
पता चंडीगढ़ का, गुरुग्राम से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क
अमर उजाला ने मोबाइल नंबर पर बात की तो पता चला कि यह नंबर गुरुग्राम का है। फोन उठाने वाली एक महिला कर्मचारी ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन वह किसी को कार्यालय का पता नहीं बता सकती। जब पूछा गया कि 15 हजार रुपये सिक्योरिटी क्यों, तो जवाब मिला कि यह मोबाइल व लैपटॉप की सिक्योरिटी है।