जज के सामने जहर खाकर पहुंचने वाले पूर्व सरपंच करम सिंह की मौत के बारे में उनके बेटे ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मृतक के बेटे अरविंदर सिंह ने बताया कि पिता जी ने पुलिस को कई बार शिकायत दी थी। लेकिन, उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाया। बिल्डर उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।
उन्होंने दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इससे पहले वीरवार को चंडीगढ़ में करम सिंह के शव का पोस्टमार्टम किया गया। गौरतलब है कि अरविंदर सिंह के बयान पर बिल्डर व सन्नी इनक्लेव के प्रोपराइटर जरनैल सिंह बाजवा और उसके साथी बलजिंदर सिंह उर्फ काला के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को 306 के तहत केस दर्ज कर लिया था।
ढाई साल से नहीं थे दे रहा था रुपये
अरविंदर सिंह ने बताया कि उसके पिता ने जरनैल सिंह बाजवा को एक मशीन 1 लाख 70 हजार रुपये प्रति महीने किराए पर दी थी। करीब ढाई साल से बाजवा न तो किराया अदा कर रहा था और न ही मशीन वापस कर रहा था। इस बारे में उसके पिता ने डीएसपी खरड़ के पास शिकायत दी थी। लेकिन, उन्हें इंसाफ नहीं मिला। इस कारण वह बहुत परेशान थे।
वर्ष 2008 में जुड़े थे बाजवा ग्रुप से
मृतक के बेटे ने बताया कि मैं और पिता जी 2008 से जरनैल सिंह बाजवा के साथ जुड़कर काम कर रहे थे। लेकिन, कुछ समय पहले पिता जी का जरनैल सिंह बाजवा व अन्य से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था।
आखिरी समय में कहा-बच्चों का ध्यान रखना
अरविंदर ने बताया कि बुधवार को पिता जी ने परिवार के साथ नाश्ता किया था। इसके बाद मैं किसी काम से किरतपुर चला गया। अरविंदर ने बताया जब वह कुराली के गांव सिंहपुरा के पास पहुंचा तो पिता जी का फोन आया। उन्होंने कहा कि अपना और बच्चों का ध्यान रखना मैंने खरड़ कोर्ट में सल्फास की गोलियां खा लीं हैं। क्योंकि जरनैल सिंह बाजवा और बलजिंदर सिंह उर्फ काला न मेरी ग्रिडर मशीन वापस कर रहे हैं और न ही किराये के पैसे दे रहे हैं। यह सुनकर मैंने तुरंत गाड़ी खरड़ की ओर मोड़ दी। इस बीच अपने भाई और मित्र को मामले की सूचना दी।
पिता ने कहा कि सुसाइड नोट की कापियां सुरक्षित
मृतक के बेटे ने बताया कि पिता ने उससे बताया था कि सुसाइड नोट की और भी हैं कई कापियां हैं, जो कुछ दिनों में मीडिया के पास पहुंच जाएंगी। खरड़ अस्पताल से पीजीआई चंडीगढ़ के रास्ते पर पिता जी ने बताया कि सुसाइड नोट की कई कापियां भिन्न भिन्न स्थानों पर सुरक्षित रखी हैं।
कहां गए सुसाइड नोट के पैकेट?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करम सिंह ने आखिरी समय में चार पैकेट लोगों को दिखाए थे। इनमें मुख्य रूप में एक पैकेट मीडिया, दूसरा पैकेट चमकौर साहिब के विधायक चर्णजीत सिंह चन्नी के लिए थे। जिन्हें स्थानीय पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था।
इस संबंध में जब विधायक चर्णजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अगर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति ने मेरे नाम से कोई पैकेट सुसाइड नोट रखकर छोड़ा है तो वह मुझसे इंसाफ की गुहार लगा रहा है। इस समय मैं किसी कार्य से दिल्ली आया हूं। आकर मामले को देखते हैं।
सुसाइड नोट छिपाने के पीछे क्या राज?
पुलिस सुसाइड नोट के बारे में मीडिया को कुछ नहीं बता रही है। इससे उसकी कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग गया है। मामले के जांच अधिकारी अशोक कुमार ने तो जानकारी से बचने के लिए बुधवार शाम को ही फोन बंद कर लिया था। वीरवार को सुसाइड नोट के संबंध में डीएसपी खरड़ राजमलविंदर सिंह मराड़ से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट उनके पास नहीं है। आखिर स्थानीय पुलिस सुसाइड नोट को क्यों छुपा रही है।