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बड़ा खुलासा.. 10 लाख में करवाई जा रही थी रेमडेसिविर दवा की एडवांस बुकिंग, नहीं पेश हुआ मालिक

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चंडीगढ़। रेमडेसिविर का बिना अनुमति उत्पादन कर बेचे जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि रेमडेसिविर की एडवांस बुकिंग के लिए 10 लाख रुपये कीमत तय थी। इसकी पहले बुकिंग करने वाले को रेमडेसिविर पहले भेजी जाती थी। बुकिंग के बाद आरोपी रेमडेसिविर को देश के अलग-अलग हिस्सों में महंगे दामों में बेचकर मोटी कमाना चाह रहे थे।
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दूसरी तरफ, जांच में सामने आया कि 570 और रेमडेसिविर दवा का अवैध तरीके से उत्पादन किया गया था, जिसकी सप्लाई होनी थी, लेकिन इससे पहले पुलिस को 3 हजार रेमडेसिविर की बिना अनुमति के उत्पादन के बारे में पता चला। कंपनी ने कहा था कि 11 हजार रेमडेसिविर को मुंबई के ठाणे में भेजा गया।
जब 11 अप्रैल को केंद्र सरकार ने दवा के निर्यात पर रोक लगा दी तो 16 अप्रैल को रेमडेसिविर क्यों भेजी गई। रेमडेसिविर पर 4700 रुपये एमआरपी रखी गई थी। दवा को मार्केट में दो से तीन गुना अधिक दामों पर बेचा जाना था। वहीं, बद्दी स्थित फार्मा कंपनी का नाम सामने आने पर ऑपरेशन सेल उसके मालिक परमजीत अरोड़ा से इस संबंध में पूछताछ करना चाह रही है। कई बार पुलिस समन भेज चुकी है, लेकिन चार दिन बाद भी वह ऑपरेशन सेल के समक्ष पेश नहीं हो रहा है। पुलिस परमजीत अरोड़ा के सेक्टर-34 स्थित दफ्तर में पूछताछ भी करने गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस के मुताबिक, परमजीत अरोड़ा की गिरफ्तारी हो सकती है।
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एक आरोपी निकला कोरोना संक्रमित, जेल भेजा, अन्य की पेशी आज
इस मामले में अभिषेक, फिलिप जैकब, केपी फ्रांसिस, सुशील कुमार, प्रभात त्यागी और फार्मा कंपनी के निदेशक गौरव चावला चार के पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। पुलिस रिमांड के दौरान फिलिप जैकब की सेहत बिगड़ गई। पुलिस ने जब उसका टेस्ट करवाया तो वह कोरोना संक्रमित निकला। पुलिस ने उसे जेल के हवाले कर दिया, हालांकि, वह अस्पताल में भर्ती है। इससे पहले बुधवार को पुलिस ने उसे जिला अदालत में पेश किया। वहीं, पांच अन्य आरोपियों को पुलिस वीरवार को अदालत में पेश करेगी।
यह है मामला
बता दें कि बीते 17 अप्रैल को ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-17 के एक होटल से केरल निवासी अभिषेक, फिलिप जैकब, केपी फ्रांसिस, दक्षिणी दिल्ली के कालका निवासी सुशील कुमार, भोपाल निवासी प्रभात त्यागी को रेमडेसिविर दवा को अवैध तरीके से बेचने का सौदा करते पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने बद्दी स्थित फार्मा कंपनी के डायरेक्टर गौरव चावला को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 11 अप्रैल को केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर दवा की सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बावजूद दवा का उत्पादन किया जा रहा था।
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