चार अगस्त को हरियाणा के दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई भारतीय जनता पार्टी का दामन थामेंगे। उससे पहले बुधवार को उन्होंने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को अपना इस्तीफा सौंपा। अब बिश्नोई परिवार कांग्रेस से आर-पार के मूड में है। पिता के इस्तीफे के बाद भव्य बिश्नोई ने भी कांग्रेस छोड़ने का एलान कर दिया। उन्होंने ट्वीट कर कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। भव्य ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी निशाना साधा और कहा कि 2004 में भूपेंद्र हुड्डा ने चौधरी भजनलाल के श्रम का फल बेशर्मी से खाया है। 2005 से लगातार कांग्रेस पार्टी के वोट शेयर में गिरावट आई है। कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व 'सुसाइड मिशन' पर है। पिछले छह वर्षों में पार्टी नेतृत्व ने कुलदीप बिश्नोई के साथ विश्वासघात किया है।
कुलदीप ने भी हुड्डा को दी बड़ी चुनौती
कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ी चुनौती दी है। कहा कि मैंने उनकी चुनौती स्वीकार कर इस्तीफा दे दिया है। अब हुड्डा साहब मेरे या मेरे बेटे के खिलाफ आदमपुर से चुनाव लड़ें... यह मेरी चुनौती है। इससे पहले कुलदीप ने ट्वीट किया कि मुसाफिर कल भी था, मुसाफिर आज भी हूं, कल अपनों की तलाश में था, आज अपनी तलाश में हूं। कुलदीप बिश्नोई की निगाहें आदमपुर विधानसभा और हिसार लोकसभा सीट पर टिकी हैं। कुलदीप को भाजपा के भीतर खुद को स्थापित करने के लिए बड़ी लड़ाई लड़नी होगी। वह खुद के साथ ही अपने बेटे भव्य बिश्नोई के अलावा समर्थकों का राजनीतिक भविष्य हिसार और अन्य जिलों की कुछ विधानसभा सीटों पर सुरक्षित करना चाहते हैं। मगर वह कितना सफल होंगे, यह भविष्य के गर्त में छिपा है।