चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ नगर निगम को बड़ा झटका देते हुए 33 टैक्सी स्टैंड सील करने के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही टैक्सी मालिकों की याचिका पर यूटी प्रशासन व नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।टैक्सी मालिक गुरजिंदर सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि नगर निगम की रोड विंग ने शहर के 59 टैक्सी स्टैंड में से 33 को सील कर दिया था। कार्रवाई के दौरान शेड में मौजूद उनका सामान बाहर निकाल कर स्टैंड को कब्जे में ले लिया था। इसके बाद इन पर बाकायदा नोटिस चिपका दिया गया।
इससे पहले निगम ने पिछले माह याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी किया था। नोटिस में 20 दिन के भीतर किराये की बकाया राशि जमा करने को कहा गया था। नोटिस के बाद कुछ टैक्सी स्टैंड संचालकों ने अपना किराया जमा भी करवा दिया था। इसके बावजूद प्रशासन ने यह कार्रवाई कर स्टैंड को सील कर दिया।
याचिका बुधवार को हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी, जो सुनवाई के लिए वीरवार को जस्टिस राजेश भारद्वाज की बेंच के समक्ष पहुंची थी। वकीलों की हड़ताल के चलते कोई वकील इस मामले में पेश नहीं हुआ और याचिकाकर्ताओं ने खुद अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। याची पक्ष को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सील किए गए सभी टैक्सी स्टैंड को खोलने का और अगले आदेश तक उनके काम में दखल न देने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने प्रशासन व निगम को यह भी आदेश दिया है कि वह मिल कर इस मामले का हल निकालने का प्रयास करें। इसके साथ ही याचिका पर यूटी प्रशासन व नगर निगम को नोटिस जारी करते हुए 15 नवंबर तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।