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कैरिबैग का चार्ज लेने वाले बिग बाजार पर 11 हजार 518 रुपए जुर्माना

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चंडीगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बिग बाजार को कैरीबैग के 18 रुपये चार्ज करना मंहगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने बिग बाजार को सेवा में लापरवाही का दोषी पाते हुए 18 रुपये वापस करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए एक हजार रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमा खर्च देने का निर्देश दिया है। फोरम ने स्टेट कमीशन यूटी, चंडीगढ़ के सेक्रेटरी के नाम पर कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में भी 10 हजार रुपये जमा करवाने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने दिए।
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फोरम ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने पर एक माह के अंदर इन सभी आदेशों का पालन होना चाहिए। आदेश देने केबाद उसकी कॉपी सेक्रेटरी (एससीडीआरसी) यूटी चंडीगढ़ को भी भेज दी है। सेक्टर-15 पंचकूला निवासी सौरव कुमार ने फोरम में बिग बाजार, फेज-1 इंडस्ट्रियल एरिया चंडीगढ़ के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 21 फरवरी 2019 को उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बिग बाजार से कुछ सामान खरीदा था। इसके बाद वह सामान की बिलिंग के लिए काउंटर पर पहुंचे। काउंटर पर कैशियर ने उनसे पूछा कि क्या आप कपड़े का बैग लेंगे। इसके लिए अलग से 18 रुपये चार्ज देने होंगे। सौरव ने इसका विरोध करते हुए कहा कि कैरीबैग के लिए चार्ज नहीं किया जा सकता। साथ ही बिग बाजार ने कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया है कि केरीबैग का अलग से चार्ज किया जाएगा। जब स्टोर में उनकी किसी ने बात नहीं सुनी तो उन्होंने सेवा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए फोरम में शिकायत दे दी। फोरम ने बिग बाजार को शिकायत का जबाव देने के लिए नोटिस भेजा। बिग बाजार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे लापरवाही माना और बिग बाजार पर जुर्माना लगाया है।
कैरीबैग के लिए मजबूर करना सेवा में लापरवाही
फोरम ने अपने आदेश में कहा है कि बिग बाजार के देशभर में कई स्टोर हैं। जहां काफी संख्या में खरीदारी के लिए लोग पहुंचते हैं। उपभोक्ताओं से स्टोर को अच्छी खासी कमाई भी होती है। इसकेबावजूद भोले भाले लोगों को कैरीबैग के लिए अतिरिक्त रुपये देने के लिए मजबूर करना गलत है। यह उपभोक्ताओं की सेवा में सबसे बड़ी लापरवाही है।
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