हिमाचल के मुख्यमंत्री की पत्नी के भतीजे अकांक्ष हत्याकांड में शिकायतकर्ता, अहम गवाह और मृतक के कजन अदम्य सिंह राठौड़ का बुधवार को जिला अदालत में बचाव पक्ष ने दो सुनवाइयों के बाद क्रास एग्जामिनेशन पूरा किया। इस दौरान अदम्य की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत, मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान और कोर्ट में दी गवाही में कई मतभेद सामने आए। वहीं क्रास एग्जामिनेशन के दौरान अदम्य ने स्वीकार किया कि उसने उस वक्त पुलिस को जानबूझकर पूरे तथ्य नहीं बताए थे।
बचाव पक्ष ने अदम्य के तीनों बयानों में यह साबित करने का प्रयास किया कि सभी शिकायतों में अदम्य ने पहले बलराज सिंह रंधावा का नाम लिया है। इसके बाद हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद का। बचाव पक्ष के कई सवालों के दौरान अदम्य झुंझुला उठे तो अदालत में मौजूद जज को हस्तक्षेप करना पड़ा। साथ ही अदम्य को उत्तेजित न होते हुए प्रोटोकॉल के तहत सभी सवालों के जवाब जरूरी देने को कहा।
बुधवार को केस में अहम गवाह और शिकायतकर्ता अदम्य का बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट एएस सुखीजा ने क्रास एग्जामिनेशन किया। इस दौरान अदम्य बचाव पक्ष के सवालों के सामने कई बार असहज महसूस नजर आया। पुलिस शिकायत और गवाही में अंतर पर अदम्य ने कहा कि, उसका भाई उस वक्त अस्पताल में था और उसे याद नहीं कि उसने उस हालात में पुलिस को क्या शिकायत दी। अदम्य 9 फरवरी की रात घटित घटना को लेकर बचाव पक्ष के कई सवालों पर केवल यहीं जवाब दे सका कि ‘उसे कुछ याद नहीं है।’