एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह कलेर ने बताया कि करीब 8 ठेकों का निरस्त कर दिया गया है। लोगों ने तय तारीख के अंदर पैसा जमा नहीं किया इसकी वजह से आवंटन रद्द किया जाएगा। 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो गया है। करीब 56 दिन गुजरने के बाद भी नीलामी प्रक्रिया 100 फीसदी तक नहीं पहुंच पाई है। महज 15 दिन का पेमेंट कर कई लोगों ने 56 दिन तक ठेका चलाया है। मामलों में दुकानों का आवंटन निरस्त होने के साथ-साथ मुकदमा भी दर्ज कराना चाहिए।
21 मार्च को पहली बार नीलामी हुई
21 मार्च को साल के लिए 97 में से 96 ठेकों का ई-नीलामी की गई। इस दौरान 606 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। हालांकि उसी समय इसका विरोध होने लगा था। इनमें से 48 ठेकों के लाइसेंस बाद में रद्द कर दिए गए। दूसरी बार 7 ठेकों का टेंडर निरस्त किया और अब तीसरी बार फिर 9 ठेकों का आवंटन निरस्त किया गया है। इस साल अब तक शहर में शराब के ठेकों के लिए 7 बार नीलामी हो चुकी है, बावजूद उसके अभी भी करीब 20 ठेकों की नीलामी होना बाकी है।
यहां की दुकानों का आवंटन हुआ निरस्त
सेक्टर-9 की दो दुकान, सेक्टर-32 डी , सेक्टर-45, मनीमाजरा, मौलीजागरा, दरिया