अकाली दल से अलग होकर शिरोमणि अकाली पंथ का गठन करने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को एक परिवार और एक पार्टी से मुक्त कराना उनका लक्ष्य है। शिरोमणि अकाली पंथ के जरिए वह इस कार्य को अंजाम देंगी। उन्होंने कहा कि अब अगर सुखबीर बादल उनको मनाने घर भी आएंगे तब भी वह अकाली दल में नहीं जाएंगी। एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्षा बीबी जागीर कौर रविवार को लुधियाना में एक शोकसभा में शामिल होने आई थीं।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को एक परिवार और एक पार्टी की ही चलती है। लोग अक्सर ऐसी बातें भी करते हैं कि एसजीपीसी का प्रधान एक बंद लिफाफे से निकलता है। परिवार ही बंद लिफाफे में लिखे नाम को तय करता है। इसके चलते एसजीपीसी की बदनामी हो रही है। इस प्रथा को बंद करना है।
श्री अकाल तख्त साहिब की सिख समुदाय में मान्यता को लेकर भी जागीर कौर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सिखों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था और पार्टी जत्थेदार का आदेश नहीं मानेगी तो आम लोग कैसे मानेंगे। अब जत्थेदार साहिबान भी सिखों से अपील कर रहे हैं कि लंबे समय से चले आ रहे राज को बदलने की जरूरत है।
पंच प्रधानी लेंगे फैसला
बीबी जागीर कौर ने कहा कि आज सिखों की सुनवाई नहीं होती है क्योंकि परिवार ने राजनीति सबसे ऊपर रखी है। इसीलिए सिखों की मांग है कि एसजीपीसी को राजनीति से दूर रखा जाए। इन त्रुटियों को दूर करने के लिए ही उन्होंने सिख बुद्धिजीवियों से बातचीत कर शिरोमणि अकाली पंथ का गठन किया है। यह सिखों की आवाज बनकर काम करेगी।
उन्होंने कहा कि इस संगठन में कोई अकेला फैसला नहीं लेगा बल्कि पंच प्रधानी फैसला लेंगे। जागीर कौर ने कहा कि शिरोमणि अकाली पंथ के पदाधिकारियों से बातचीत कर एसजीपीसी चुनाव की रणनीति तैयार की जाएगी इसके बाद ही फैसला कर आने वाले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में उम्मीदवारों को उतारा जाएगा।