बेटी की हत्या के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर ने कहा कि राजनीतिक बदले की भावना के कारण उन्हें ऐसे केस में फंसाया गया। जिसके लिए उन्हें 18 साल तक लड़ना पड़ा। बीबी जागीर कौर अपने परिवार के साथ श्री हरमंदिर साहिब में शुकराने की अरदास अदा करने पहुंची थी।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज सच्चाई की जीत हुई है। उनका परिवार इस फैसले से खुश है। उन्हें इस बात का दुख है कि उनके साथ उन लोगों को भी फंसाया गया जिनका इस केस से कोई भी सरोकार नहीं था। उन्होंने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने कानूनी लड़ाई में उनका सहयोग दिया।
बीबी ने मुख भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे माथा टेका। सूचना केंद्र में बीबी जागीर कौर को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चीफ सेक्रेटरी रूप सिंह, दलजीत सिंह, बीबी राजविंदर कौर, चरणजीत कौर, रितु अरोरा और अमनदीप कौर मौजूद थीं।
सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा : कमलजीत सिंह
बीबी जागीर कौर के हाईकोर्ट से बरी होने के बाद उनकी दिवंगत बेटी हरप्रीत कौर उर्फ रोजी के पति कमलजीत सिंह ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने दावा कि वर्ष 2000 में हरप्रीत कौर उर्फ रोजी की हत्या की गई। यहां एक नहीं बल्कि दो कत्ल हुए। रोजी के पेट में पल रहे उनके बच्चे को भी मार दिया गया। चौदह साल सीबीआई ने जांच की और बीबी जागीर कौर को दोषी पाया। वर्ष 2012 में उन्हें सजा हुई। उन्होंने बताया कि 2018 में यह केस हाईकोर्ट में आया था। इस दौरान उन्होंने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर बेंच बदलने की मांग की थी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ।