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हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी, तंवर-हुड्डा खेमे में बढ़ी खटास

Thu, 12 May 2016 12:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर साथ-साथ - फोटो : फाइल फोटो
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हजकां का विलय करवाकर कांग्रेस को मजबूत करने का दावा करने वाले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के सोमवार को एक बयान के बाद कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चा और तेज हो गई हैं। तीन दिन पहले चंडीगढ़ में इनेलो के पूर्व विधायक बिशनलाल सैनी और अशोक कश्यप को कांग्रेस में शामिल करवाने के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कदम को तंवर ने नियमों से परे करार दिया है, इससे साफ हो गया है कि हाईकमान की तमाम कोशिश के बावजूद हुड्डा और तंवर खेमें में सुलह के आसार नहीं है।
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तंवर ने यहां पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट तौर पर कहा कि इनेलो के पूर्व विधायकों की ज्वाइनिंग में सही तरीका नहीं अपनाया गया ऐसे में उनका शामिल होना अमान्य है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्रोई का पार्टी में शामिल होने का तरीका सही था। कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में तंवर ने चंडीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा की उपस्थिति में पूर्व विधायकों बिशन लाल सैनी और अशोक कश्यप के कांग्रेस में  शामिल होने के सवाल पर कहा कि जब भी कोई सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और पूर्व सांसद कांग्रेस में शामिल होता है तो उसका फैसला हाई कमान यानी सोनिया गांधी और राहुल गांधी करते हैं।

इसके अलावा बाकी सब अमान्य है। कोई पार्टी में शामिल होना चाहता है तो उसकी सूचना हाईकमान को दी जाती है, जिस पर सोनिया गांधी फैसला लेती है। इसके बाद विधिवत रूप से उसे पार्टी में शामिल किया जाता है। हुड्डा ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं करवाया। तंवर से जब हजकां के सुप्रीमो कुलदीप बिश्रोई और उनके  सहयोगियों के कांग्रेस में शामिल होने की प्रक्रिया से संबंध सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बिश्रोई की पार्टी के कांग्रेस में विलय को लेकर कई माह से बात चल रही थी।
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कुलदीप इस मामले में सीधे हाईकमान से मिले और वहीं से सारी प्रक्रिया संचालित की गई। दिल्ली में आयोजित एक समारोह में हजकां का विधिवत विलय करवाकर कुलदीप का सम्मान किया गया। करनाल रैली में पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ हूटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के अति उत्साह के चलते ऐसा हुआ। हर कार्यकर्ता अपने-अपने नेता के नारे लगाता है लेकिन जो हुआ ऐसा होना नहीं चाहिए।
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