जजपा विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि मंगलसेन, बंसीलाल के गुरु थे। किरण को फक्र होना चाहिए। इस पर बहस न करो। इस पर किरण चौधरी ने कहा कि गौतम भड़काने का काम करते हैं। नेकी राम के नाम पर लाइब्रेरी बनाई है, उनका बुत भी लगवाया है। अगर मेडिकल कॉलेज का नाम पंडित नेकी राम पर रखा जा रहा है तो वह उसका स्वागत करती हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मंगलसेन कानून से चलने वाले प्रजातांत्रिक व्यक्ति थे। उनके नाम से अगर कोई संस्थान है तो उसे बदलना नहीं चाहिए। महापुरुषों के नाम पर कोई नई परियोजना शुरू कर दो।
राजस्व घाटा केयू कर्मियों के वेतन, पेंशन में देरी का कारण
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयू) के कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देरी से मिलने के कई कारण हैं। शैक्षणिक सत्र 2016-17 में संबद्ध महाविद्यालयों के नए विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित होने के कारण राजस्व घाटा बढ़ा। 2017 में शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी भी बड़ा कारण है। कोविड-19 के कारण आंतरिक प्राप्तियों से होने वाली आय में भी कमी आई है।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने भाजपा विधायक सुभाष सुधा के सवाल पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को वित्त वर्ष 2021-22 में 220 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। विधायक ने कर्मचारियों के 15 करोड़ रुपये और भी मांगे हैं, जिस पर जल्दी विचार किया जाएगा। वर्ष 2015-16 में 75.21 करोड़ रुपये, 2016-17 में 78 करोड़ रुपये, 2017-18 में 82 करोड़ रुपये, 2018-19 में 95 करोड़ रुपये, 2019-20 में 163 करोड़ रुपये विश्वविद्यालय को दिए गए।
इनमें आवर्ती और गैर आवर्ती राशि शामिल है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्वायत्त निकाय होने के कारण अपने स्वयं के स्रोतों से भी आय अर्जित करता है। विश्वविद्यालय ने 2015-16 में 139. 47 करोड़ रुपये, 2016-17 में 153.25 करोड़ रुपये, 2017-18 में 167 करोड़ रुपये, 2018-19 में 149.88 करोड़ रुपये, 2019-20 में 159.46 करोड़ रुपये और 2020-21 में 87.05 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है।