हिसार राज्य सतर्कता ब्यूरो के सेवानिवृत्त डीएसपी फूल सिंह को भिवानी एडीजे की कोर्ट ने गुरुवार को चार साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। बुधवार को एडीजे की कोर्ट ने फूल सिंह को दोषी करार दिया था। फूल सिंह पर भ्रष्टाचार का एक केस खारिज करने की एवज में चार लाख रुपये मांगे जाने का आरोप था। वहीं उसे पीड़ित सवा लाख रुपये दे चुका था। डीएसपी फूल सिंह की टीम ने भिवानी के रेस्ट हाउस से रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। बाद में मामला झूठा पाया गया तो केस वापस लेने की एवज में पैसे मांगे जा रहे थे।
भिवानी न्यायालय के अधिवक्ता निर्मल प्रकाश ने बताया कि 18 दिसंबर 2013 में भगत सिंह कोठारी के खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो हिसार की टीम ने 30 हजार रुपये रिश्वत लेने का केस बनाया था। उसे भिवानी के रेस्ट हाउस से रंगे हाथ पकड़ा था। इस केस में डीएसपी फूल सिंह उस वक्त जांच अधिकारी था। बाद में मामले को रफादफा करने की एवज में डीएसपी रहते हुए फूल सिंह ने चार लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। जिस पर पीड़ित पक्ष से सवा लाख रुपये भी ले चुका था।
निर्मल प्रकाश ने बताया कि भ्रष्टाचार के केस में भगत सिंह कोठारी को 18 जनवरी 2018 में भिवानी कोर्ट ने आरोप मुक्त कर दिया था। फूल सिंह 30 अप्रैल 2014 में सेवानिवृत्त हो गए। इस मामले में भगत सिंह ने मामले की शिकायत विजिलेंस को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। हाईकोर्ट के आदेश पर आठ जनवरी 2015 को सेवानिवृत्त डीएसपी फूल सिंह के खिलाफ भिवानी सिविल लाइन पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
एडवोकेट निर्मल सिंह ने बताया कि तीन साल तक तो पुलिस ने चालान पेश ही नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी तो आरोपी फूल सिंह की 15 अगस्त 2017 को गिरफ्तारी हुई। इसी मामले में अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश रजनी यादव की कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार देने के बाद गुरुवार को चार साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। न्यायालय ने जुर्माना राशि न भरने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया है।