लोहारू : सोमवीर सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के दामाद सोमवीर सिंह हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर वर्ष 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। वर्ष 2000 के अगले ही चुनाव में इनेलो के बहादुर सिंह से पराजित हुए। वर्ष 05 में दोबारा सीट छिन ली और कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। पिछले चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि तब पार्टी में अंदरुनी कलह चर्चा में रही। लगातार पांचवीं बार मैदान में उतरे सोमवीर सिंह को पुराने प्रतिद्वंद्वियों से ही चुनौती मिलेगी।
भिवानी : रामप्रताप का पहला चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल व दिवंगत सुरेंद्र सिंह के करीबी रामप्रताप शर्मा चार दशक से भी ज्यादा समय से इस परिवार से जुड़े हैं, लेकिन कभी चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। वे पहली दफा चुनाव मैदान में उतरेंगे। बीए एलएलबी रामप्रताप उद्यमी भी हैं।
बवानीखेड़ा : चौथी बार मैदान में उतरेंगे फौजी
हुड्डा सरकार में वर्ष 2005 से लेकर 2014 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे रामकिशन फौजी चौथी बार चुनावी दंगल में उतरेंगे। हविपा की टिकट पर वे पहली बार विधायक वर्ष 2000 में विधानसभा पहुंचे थे। वे जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं।