उगराहां ने कहा कि मंत्रियों के समक्ष यह मांग रखी गई कि तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ ही राज्य सरकार ने 2017 में जो एपीएमसी एक्ट बनाया था और अकाली सरकार ने 2013 में जो मंडी एक्ट बनाया था, उन्हें भी सदन में रद्द किया जाए। उगराहां ने कहा कि इस पर तीनों मंत्रियों ने विचार करने की बात कही, जिससे साफ है कि सरकार अपने बनाए कानून रद्द करने को तैयार नहीं है।
इसके साथ ही किसानों के खिलाफ दर्ज केस भी रद्द करने की मांग की गई। उगराहां ने बताया कि मंत्रियों ने दिवाली तक ये केस रद्द करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि संगठन की तरफ से मंत्रियों के समक्ष पराली जलाने का मुद्दा भी उठाया गया। पिछले साल पराली न जलाने पर मुआवजा दिया जाना था, वह अब तक नहीं दिया गया। इस पर मंत्रियों की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा संगठन ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए वादे को पूरा करने को कहा।
जारी रहेंगे धरने-प्रदर्शन
जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि उनका संगठन धरने-प्रदर्शन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक मुंह नहीं खोला है। विरोध प्रदर्शनों को और तेज किया जाएगा। सरकार यह मानकर चल रही है कि धान का सीजन है और कामकाज की वजह से प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे या प्रदर्शनों के कारण हो रहे खर्च से किसान टूट जाएंगे तो ऐसी कोई समस्या किसानों के सामने नहीं है।