आठ दिन से लापता नंगल के नौजवान दीपक सिकरी (22) का शव सोमवार को रोपड़ से सटे गांव झल्लियां के पास भाखड़ा नहर से बरामद हुआ।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। परिवार वालों के मुताबिक मृतक की छाती, पेट और बाजुओं पर चोट के निशान थे। शव देखने पर एक दो दिन पुराना लग रहा था। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए प्रदर्शन किया। परिजनों ने उस आईटी कंपनी के मालिक, उसकी पत्नी और कंपनी के अकाउंटेंट के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है, जहां दीपक काम करता था। साथ ही दो पुलिस अधिकारियों पर मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगा उन्हें मुअत्तल करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आठ घंटे तक प्रदर्शन किया और इस दौरान दीपक का शव नहर में ही पड़ा रहा। बाद में एसपी दर्शन सिंह मान के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी माने। डीएसपी सिटी-1 मोहाली आलम विजय सिंह के मुताबिक पुलिस ने आईटी कंपनी मालिक विजय सिंह, उसकी पत्नी और अकाउंटेंट पर हत्या का मामला दर्ज कर मालिक और अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, सूत्रों के मुताबिक मामले में ढील बरतने वाले थाना फेज-1 के एसएचओ व मामले के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। शाम चार बजे दीपक का शव नहर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। देर शाम सरकारी अस्पताल में मृतक का शव पोस्टमार्टम करवा दिया गया।
तीन महीने से नहीं मिली थी सैलरी
मृतक के परिजन रोहित जोशी, बलविंदर बाली, सुनील जोशी और समर अग्रवाल ने कहा कि बीसीए करने के बाद दीपक पिछले तीन महीने से शाहीमाजरा की एक आईटी कंपनी में काम कर रहा था। मृतक दीपक के पिता राकेश कुमार निवासी नंगल ने बताया कि आखिरी बार बेटे ने 11 अगस्त को रात आठ बजे घर फोन किया था। साथ ही कहा था कि वह ठीक है। जिसके बाद फोन काट दिया था।
अगले दिन से उसका फोन बंद आ रहा था। कंपनी में पूछताछ से पता चला कि दीपक को पहले भी मारने की धमकियां मिल रही थी। उन्होंने उस समय भी अंदेशा जताया था कि उनके बेटे को कोई अगवा करके ले गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि आईटी कंपनी का मालिक विजय शर्मा उसे वेतन नहीं दे रहा था और उससे 25 लाख रुपये अपने परिवार से लाने के लिए दबाव डाल रहा था।
इसी विवाद में कंपनी के मालिक, उसकी पत्नी और कंपनी के अकाउंटेंट ने दीपक की हत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने के एसएचओ रविंदरपाल सिंह और एएसआई जसपाल सिंह ने कार्रवाई के बजाय आरोपियों की सहायता की। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था।
कार्रवाई करती पुलिस तो जिंदा होता दीपक
सोमवार को सुबह आठ बजे दीपक का शव भाखड़ा नहर से बरामद हुआ। इसके बाद परिजन भड़क गए और उन्होंने एसएचओ रविंदरपाल सिंह और एएसआई जसपाल सिंह को मुअत्तल करने की मांग की। परिजनों का कहना था कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो दीपक की हत्या नहीं होती। प्रदर्शनकारियों ने दोनों को मुअत्तल करने की मांग को लेकर दीपक के शव को आठ घंटे तक नहर से बाहर नहीं निकालने दिया। शाम करीब चार बजे एसपी दर्शन सिंह मान मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया।