अरविंद केजरीवाल ने आखिर माफीनामे में ऐसा क्या लिखा कि भगवंत मान ने 'आप' पंजाब के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, आइए हम बताते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने आखिर माफीनामे में ऐसा क्या लिखा कि भगवंत मान ने 'आप' पंजाब के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, केजरीवाल ने लिखित माफीनामे में लिखा था कि मैंने चुनाव प्रचार के दौरान की गई रैलियों में कई बार आप पर (मजीठिया पर) ड्रग रैकेट चलाने का आरोप लगाया था। यह राजनीतिक मसला बन गया था। अब मुझे पता चला कि मेरे द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
केजरीवाल की ओर से लिखा गया यह माफीनामा गुरुवार को अदालत में भी दाखिल किया गया। वहीं, केजरीवाल को यह माफीनामा देना काफी महंगा पड़ा। माफीनामे के बाद पंजाब 'आप' में बगावत हो गई। सुखपाल खैहरा, कंवर संधू, कुमार विश्वास सभी ने उन पर उंगली उठाई।
एक तरह से आम आदमी पार्टी में घमासान मच गया है। इस वजह से शुक्रवार सुबह पंजाब की राजनीति में एक भूचाल आ गया। माफी मांगने से नाराज होकर भगवंत मान ने पंजाब 'आप' के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी बिखराव की स्थिति में आने लगी है।
केजरीवाल ने मजीठिया से मांगी माफी, खैरा-संधू ने उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल का माफीनामा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर की अदालत में वीरवार को पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया पर नशा कारोबार को लेकर लगाए आरोपों के संबंध में माफीनामा दिया। इसके बाद उनकी पार्टी में बगावती सुर उठने लगे। आप विधायक व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा और खरड़ से एमएलए कंवर संधू ने इसे गलत बताते हुए विरोध जताया।
केजरीवाल के माफीनामे की सूचना मिलने पर खरड़ से आप विधायक और पार्टी की मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन कंवर संधू ने ट्वीट करके कहा कि नशों के केस में चल रहे मानहानि मामले में केजरीवाल की मजीठिया से माफी ने पंजाब के लोगों का सिर नीचा कर दिया है। खासतौर पर पंजाब के युवाओं को इससे बहुत निराशा होगी। संधू ने लिखा है कि पंजाब के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
इसके बाद भुलत्थ से आप विधायक और नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि हम लोग अरविंद केजरीवाल की माफी से सकते में हैं। हमें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि केजरीवाल जैसे बड़े कद के नेता ने इस तरह समर्पण से पहले हम लोगों के साथ कोई विचार-विमर्श नहीं किया।
मजीठिया बोले, यह ऐतिहासिक पल जब एक सीएम ने गलती मानी
Bikram Singh Majithia
- फोटो : File Photo
आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने नशे के कारोबार को लेकर पूर्व मंत्री और शिअद महासचिव बिक्रम मजीठिया पर लगाए आरोपों के लिए माफी मांग ली है। केजरीवाल द्वारा अमृतसर की अदालत में माफीनामा देने के बाद चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में मजीठिया ने कहा कि सच की जीत हुई है।
इससे साफ हो गया है कि झूठे आरोप कभी कामयाब नहीं होते। यह ऐतिहासिक पल है जब एक सिटिंग सीएम ने अदालत में माफीनामा दिया है। उन्होंने मुझे, मेरे परिजनों, समर्थकों को पहुंची ठेस के लिए खेद जताया है। मजीठिया ने कहा कि गलतियां करना मानवीय स्वभाव है। लेकिन केजरीवाल ने बड़ा साहस दिखाते हुए अपनी गलती मानी है।
वह इसके लिए उनका धन्यवाद करते हैं। मजीठिया ने भावुक होते हुए कहा कि वह भगवान के आभारी हैं, जिसने उन्हें उस समय शक्ति दी जब उन्हें सियासी और सामाजिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा था। मजीठिया ने कहा कि वह पहले दिन से कह रहे थे कि या तो केजरीवाल माफी मांगेंगे या जेल जाएंगे।
अब जब केजरीवाल और आशीष खेतान ने माफी मांग ली है तो उन्होंने अपने वकील से मानहानि का केस वापस लेने को कहा है। यह केस मई 2016 में अमृतसर अदालत में दायर किया गया था। मजीठिया ने कहा कि इस विवाद से उनकी मां और पत्नी को काफी परेशानी उठानी पड़ी है।