पंजाब मजदूरों और मजबूरों का प्रदेश बनकर रहा गया है। यहां के लोग या तो मजदूर हैं या मजबूर हैं। ये कहना है आप सांसद भगवंत मान का। फतेहगढ़ साहिब में पंजाब स्टेट कर्मचारी दल के प्रदेशाध्यक्ष हरी सिंह टोहड़ा की ओर से सरहिंद की पुरानी अनाज मंडी के पास मजदूर दिवस पर प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसमें सरकारी और गैर सरकारी मजदूर जत्थेबंदियों के नेता व कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान, सहायक इंचार्ज दुर्गेश पाठक और युवा अध्यक्ष हरजोत सिंह बैंस ने भी विशेष तौर पर शिरकत की। इस दौरान भगवंत मान ने ये बात कही।
मान ने कहा कि सूबा सरकार ने अपने साढ़े नौ साल में नशे पर कोई नियंत्रण नहीं किया। अब जब सरकार के पास कुछ ही महीने बचे हैं तो सरकार नशे को खत्म करने के ड्रामे रच रही है। दूसरी तरफ पंजाब के लोगों को सवा लाख नौकरियों का सब्जबाग दिखा कर गुमराह किया जा रहा है। सरकारी खजाना खाली है और मौजूदा मुलाजिमों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं।
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मान ने कहा कि पंजाब के लोग मौजूदा गठबंधन सरकार की चालों को समझ गए हैं और 2017 में इनके झांसे में नहीं आएंगे। हरी सिंह टोहड़ा ने शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोगों को तीसरे बदल की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारों ने कभी मजदूरों की बात नहीं की। अगर सरकारें की तरफ से लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जाता तो ऐसे दिन न देखने पड़ते। उन्होंने कहा कि सूबे में से इंडस्ट्री शिफ्ट होने से 70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इस मौके पर एडवोकेट लखवीर सिंह राय, जय कृष्ण, कश्यप और दिलबाग सिंह बागा मौजूद थे।