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'योगेंद्र और प्रशांत को पार्टी से बाहर निकाला जाए'

Mon, 09 Mar 2015 02:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
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रविवार को लुधियाना में एक निजी कार्यक्रम के दौरान सांसद भगवंत मान ने प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव पर तीखे हमले बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों नेताओं ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को हरवाने का पूरा प्रयास किया।
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पार्टी को स्थानीय समर्थक वोट न दे पाएं, इसके लिए भी काफी प्रयास किए गए थे। विदेशों में रह रहे आप के समर्थक पार्टी को फंड न भेजें, इसके लिए भी उन्हें उकसाया गया।

उन्होंने कहा की कि पार्टी नेता अंजली दमानिया द्वारा लगाए गए सभी आरोप एकदम सही हैं। आम आदमी पार्टी वन मैन शो होकर रह गई है, इस पर सांसद मान ने साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में सब बराबर है और सभी को बोलने का बराबर का हक है।
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सिद्धू को भाजपा का बोलने वाला तोता कहा

अमृतसर के पूर्व सांसद और भाजपा के स्टार प्रचारक नवजोत सिद्धू को पार्टी की तरफ से पंजाब का मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने की अटकलों का खंडन करते हुए उन्होंने सिद्धू को भाजपा का बोलने वाला तोता कह डाला। उनके मुताबिक सिर्फ चुनाव में भाजपा सिद्धू का इस्तेमाल करती हैं और फिर उन्हें भुला दिया जाता है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 2017 पंजाब विधानसभा चुनाव में लोग उनकी पार्टी का बेसब्री से इंतजार कर रहे है और दिल्ली की तरह ही वे यहां भी जीत हासिल करेंगे।

सुखबीर बादल के बड़े-बड़े दावों और वादों को हंसी में उड़ाते हुए सांसद भगवंत मान ने उन्हें एक कॉमेडियन की संज्ञा दी और कहा कि वे खुद कॉमेडियन के तौर पर पिछले 20 साल में लोगों को इतना नहीं हंसा सके हैं जितना सुखबीर अपने 20 मिनट के भाषण में लोगों को हंसा देते हैं।
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भगवंत मान ने की बाहर निकालने की मांग

आम आदमी पार्टी का कलह अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी के संगरूर से सांसद भगवंत मान ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी से बाहर कर देने की मांग उठाई है।

उन्होंने कहा कि इन दोनों की वजह से पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि एक बार तो अरविंद केजरीवाल इन लोगों के तीखे सवालों से रो भी पड़े थे।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि दोनों नेता अरविंद केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा में विपक्ष में बैठा देखना चाहते थे। इसीलिए दोनों ने पार्टी को इन चुनावों में हरवाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।
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