बिक्रम सिंह मजीठिया नशों का सौदागर है। अगर उसमें हिम्मत है तो मुझ पर मानहानि का केस दर्ज कराए। ये तीखे बोल कहे ‘आप’ के संगरूर से सांसद सदस्य भगवंत मान ने। मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की ओर से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत सीनियर नेता संजय सिंह और आशीष खेतान के खिलाफ मानहानि का केस करने के एक दिन बाद मान ने भड़ास निकाली।
उन्होंने कहा कि मजीठिया नशों का सौदागर है और यदि उस में हिम्मत है तो उस पर मानहानि का केस दर्ज करे। शनिवार को मजीठिया के ही शहर अमृतसर में पत्रकारों को संबोधन करते मान ने कहा, मैं इस से पहले भी अनेक बार कह चुका हूं कि मजीठिया अरबों रुपये के नशे के धंधे का मुख्य सरगना है और इस बात को मैं हजार बार कहता रहूंगा। मजीठिया मेरे खिलाफ मानहानि का दावा क्यों नहीं करते?
मान ने कहा कि एक तरफ उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पंजाब में किसी प्रकार का नशा न होने का दावा करते हैं। उनके कैबिनेट मंत्री सुरजीत ज्याणी पंजाब में एक भी नशेड़ी होने से इंकार करते हैं और दूसरी तरफ मुख्य मंत्री बादल पंजाब में देश का पहला औरतों के लिए नशा छुड़ाओ केंद्र खोलने का ऐलान कर रहे हैं। मान ने पूछा कि दोनों बादल बताएं कि दोनों में से कौन झूठ बोल रहा है?
उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में नशा नहीं हैं तो खास तौर पर औरतों के लिए नशा छुड़ाओ केंद्र खोलने की क्या जरूरत है। मान ने कहा कि बादल को नशों के साथ उजड़ चुके परिवारों की असली हालत देखने के लिए अमृतसर के मकबूलपुरा और गुरदासपुर के सुर सिंह गांव का दौरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में लाखों घर नशों के कारण उजड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री बादल कर रहे हैं मजीठिया का बचाव
भगवंत मान ने सनेटा में शनिवार को आयोजित जनसभा में कहा कि पार्टी पंजाब के 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
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मान ने कहा, ‘आप ’ के राष्ट्रीय नेता जब पंजाब दौरे पर आए थे तो उन्होंने मजीठिया को नशों का सरगना कहा था। परंतु मैं तो समूह पंजाबियों के साथ हर रोज मजीठिया को पंजाब में चल रहे नशे के धंधे का सौदागर कहता हूं। वह मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों दर्ज नहीं करते?
उन्होंने कहा कि नशों के धंधे में ईडी की तरफ से कैबिनेट मंत्री स्वर्ण सिंह फिल्लौर का नाम लिए जाने के बाद मुख्य मंत्री बादल ने उसको मंत्री मंडल में से निकाल दिया था परंतु मजीठिया का नाम ईडी की रिपोर्ट में आने के बाद भी बादल उन्हें क्लीन चिट देने में एक मिनट से भी कम समय लगाते हैं।
मान ने कहा कि मजीठिया के खिलाफ लगे नशे के आरोपों की जांच सीबीआई से करवाने की जगह मुख्यमंत्री बादल उसका बचाव कर रहे हैं और पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह भी हैरानीजनक तरीके के साथ इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत से इंकार कर रहे हैं।
मान ने पूछा कि जब इस मामले में किसी व्यक्ति को क्लीन चिट देने का अधिकार सिर्फ माननीय अदालत के पास ही है तो बादल किसी हक के साथ मजीठिया को पाक साफ कह रहे हैं? मान ने नशे के मामले में मजीठिया का हाथ होने संबंधी जरूरी सबूत होने का दावा करते कहा कि सही समय आने पर उन को अदालत में पेश किया जाएगा।