मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जिला पटियाला में साझा अध्यापक मोर्चा पंजाब की अगुवाई में अध्यापकों का मरणव्रत और धरना-प्रदर्शन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इन आंदोलनकारी अध्यापकों के समर्थन में सोमवार को धरनास्थल पर नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और सांसद भगवंत मान पहुंचे लेकिन अध्यापकों ने इनका विरोध किया। जिस कारण दोनों को लौटना पड़ा।
अध्यापकों ने कहा कि आप की ओर से अध्यापकों को दिए समर्थन का मोर्चा स्वागत करता है, लेकिन मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का दम अध्यापक रखते हैं। वह अपने आंदोलन का सियासीकरण नहीं होने देंगे। अध्यापकों की ओर से भगवंत मान व हरपाल चीमा को धरने में बैठने भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर आप को अध्यापकों के साथ हमदर्दी है, तो पार्टी अपने स्तर पर राज्यपाल और कैप्टन सरकार के साथ सीधी टक्कर लेकर अध्यापक वर्ग की मांगों के बारे में जवाब मांगें। मोर्चे ने ऐलान किया कि जब तक अध्यापकों की मांगें नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।