पीजीआई ने बरतनों की सफाई के ऐसे मानक और तरीके तैयार किए हैं, जिनसे वे धुलाई के बाद कीटाणु मुक्त भी होंगे। ऐसे बरतनों में खाने से टाइफाइड, खांसी व पीलिया की आशंका कम रहेगी। फूड सेफ्टी पर पहली पीएचडी करने वाली कम्युनिटी मेडिसिन की डॉक्टर पूजा डुडेजा के अनुसार यदि बरतन में कीटाणु होंगे तो ये खाने के साथ पेट में चले जाते। ऐसी स्थिति में उल्टी, दस्त, बुखार, पीलिया, खांसी व बलगम हो सकती है।
बरतन कीटाणु मुक्त करने के चार तरीके
बरतनों को धोने के बाद 77 डिग्री सेंटीग्रेड तक के गर्म पानी में 45 सेकेंड तक रखें। क्लोरीन 100 मिलीग्राम/लीटर के घोल में बरतनों को डुबो कर निकाल सकते हैं।आयोडीन 25 मिलीग्राम/ लीटर के घोल में बरतनों को डुबोने से ये कीटाणु मुक्त रहेंगे।अमोनिया 200 मिलीग्राम/लीटर के घोल में धोकर भी बरतनों को कीटाणु मुक्त किया जा सकता है। ऐसे करें बर्तन साफ
बर्तन धोने से पहले उनमें से गंदगी रगड़कर उतारे और कूड़े के डब्बे में डाले।सिंक को गर्म पानी से भर लें। पानी इतना गर्म होना चाहिए कि हाथ जले नहीं।यदि किसी बर्तन में चिकनाहट या गंदगी ज्यादा है तो इनमें गर्म पानी भर शैल्फ पर एक तरफ रख दें। 10 मिनट तक ऐसे ही रहने दें।सिंक में बर्तन धोने का साबुन या पाउडर डाल दें। हाथ से हिलाकर झाग बनाएं।सबसे पहले कांच के बर्तन क्राकरी आदि धोकर अलग रख लें।फिर कुकर पतीले कढ़ाई धो लें। बर्तनों को पानी में भिगोएं और ब्रश से रगड़े।बर्तन धोने के बाद जरूर देखें कि कही कुछ रह तो नहीं गयाबर्तन को साफ होने के बाद उसे अच्छी तरह से सुखाएं