नगर निगम चुनाव के लिए गठित की गई कांग्रेस की चुनाव कमेटी पर घमासान शुरू हो गया है। तिवारी गुट ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इसका विरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि कमेटी में सिर्फ एक पक्ष का ध्यान रखा गया है। कमेटी में सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।
पत्र में कहा कि कमेटी के जो सदस्य बनाए गए हैं वह पवन बंसल के हाथ के कठपुतली हैं। सभी को पता है कि उम्मीदवारों का अंतिम निर्णय बंसल के घर के लॉन में होगा। पत्र में कहा कि बीबी बहल को पूरी तरह से अनदेखी की गई है। जबकि उन्होंने शहर में 15 साल तक अध्यक्ष रहते हुए पार्टी की सेवा की है। पत्र में कहा गया कि अपनी मामा-भांजा वाली इमेज के कारण बंसल 69 हजार से ज्यादा वोट से चुनाव हार गए थे।
पिछले लोकसभा चुनाव में पवन बंसल 49 पोलिंग बूथ पर तीसरे नंबर पर रहे थे। उनके रेल गेट प्रकरण से कांग्रेस की छवि खराब हुई थी। बंसल की इसी छवि के कारण आने वाले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ेगा। पत्र में प्रिंसिपल गुरबचन सिंह, पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा, जेएन शास्त्री, जगत शर्मा, इंटक अध्यक्ष कुलबीर सिंह, रविंदर सिंह त्यागी, बलजीत सिंह, वासिम मीर, अमन सलेच और शिव लाल लोधी का नाम लिखा है।
चुनाव कमेटी में तिवारी गुट को नहीं मिली जगह
चंडीगढ़ कांग्रेस नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस
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कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार को प्रदेश चुनाव कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी गुट की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। जबकि कमेटी में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और उनके करीबी नेताओं को ही शामिल किया है। इस कमेटी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंजूरी दे दी है। बता दें कि तिवारी गुट की ओर से लगातार दावा किया जा रहा था कि निगम चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का अहम रोल होगा। इसके बावजूद भी तिवारी अपने किसी व्यक्ति को इस कमेटी में शामिल नहीं करवा पाए हैं।
इस कमेटी में बंसल और छाबड़ा के अलावा पवन शर्मा, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बड़हेड़ी, महासचिव विनोद शर्मा, हाकम सरहदी, डॉ. इरशाद, हसन, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पूनम शर्मा, सेवा दल के मुख्य आयोजक अच्छे लाल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हरमेल केसरी और एनएसयूआई के अध्यक्ष शामिल हैं। यह प्रदेश चुनाव कमेटी नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करेगी।
मालूम हो कि यह सभी पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल के करीबी हैं। ऐेसे में चुनाव कमेटी के गठन में बंसल की पूरी चली है। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी अपने किसी भी समर्थक को कमेटी में शामिल नहीं करवा पाए हैं। पार्टी प्रभारी आशा कुमारी ने नई कमेटी की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को मेल के माध्यम से दी है।
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि अगले सप्ताह से चुनाव कमेटी की बैठकों का दौर शुरू हो जाएगा। जीतने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा। उनका कहना है कि कांग्रेस में कोई गुट नहीं है।