पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारोपियों में से एक जगतार सिंह तारा ने बुड़ैल जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार जेल में मिलने आने वाले तारा के रिश्तेदारों को उससे मिलने नहीं दिया जा रहा है।
इसके विरोध में उसने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार इससे पहले भी तारा को गुरुद्वारे में माथा टेकने की इजाजत नहीं दी गई थी। इस पर उसने दो बार भूख हड़ताल की थी। इसके बाद उसे इस संबंध में इजाजत दी गई थी।
तारा के वकील सिमरनजीत सिंह के अनुसार तारा फरवरी में बुड़ैल जेल में शिफ्ट हुआ था। उसे तब से मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उसके खिलाफ बेअंत सिंह हत्याकांड समेत जेल ब्रेक के स की सुनवाई लंबित है।
तारा के वकील के अनुसार उसे केवल पारिवारिक सदस्यों से ही मिलने दिया जा रहा है, जबकि उसके रिश्तेदारों को उससे मिलने की इजाजत नहीं है।
हाल ही में तारा से जेल में मिलने उसकी बुआ आई थी, लेकिन जेल प्रशासन ने उसकी बुआ को उससे नहीं मिलने दिया। तारा के वकील ने जल्द ही आईजीपी चंडीगढ़, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत देने की बात कही है।
2004 में हुआ था जेल से फरार
31 अगस्त, 1995 को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की पंजाब सिविल सचिवालय में बम धमाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सदस्य जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा को गिरफ्तार किया गया था। तीनों बुड़ैल जेल में बंद थे।
यहां से भ्यौरा, हवारा, तारा एक अन्य कैदी देवी सिंह के साथ 21 जनवरी, 2004 को बुड़ैल जेल से सुरंग खोदकर फरार हो गए थे। देवी सिंह को छोड़ तीनों फरार कैदियों को पुलिस पकड़ चुकी है। वहीं जेल ब्रेक में लापरवाही बरतने वाले जेल कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सेक्टर-34 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।
3 महीने बाद भी चार्जशीट दायर नहीं
जेल ब्रेक केस में यूटी पुलिस जगतार सिंह तारा के खिलाफ 3 महीने बाद भी चार्जशीट दायर नहीं कर सकी है। इससे पहले पुलिस ने तारा के रिमांड की दो बार जिला अदालत में अर्जी दी थी। दोनों ही बार जिला अदालत इसे खारिज कर चुकी है। आमतौर पर 90 दिनों में पुलिस को चार्जशीट दायर कर देनी होती है, लेकिन तारा चंडीगढ़ पुलिस की हिरासत में 4 महीने से ज्यादा वक्त से है। पंजाब पुलिस ने इसी वर्ष की शुरुआत में तारा को थाईलैंड से गिरफ्तार किया था।
किन्हीं कारणों से जगतार सिंह तारा को उसके परिजनों के अलावा अन्य किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है। तारा के भूख हड़ताल के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। ऐसा है तो इसका पता किया जाएगा।
-एएस चीमा, डीआईजी और आईजी (जेल)