दीपावली के त्योहार में हर कोई मिठाइयां बांट कर अपनी खुशी का इजहार करता है, लेकिन आम आदमी को पता ही नहीं है कि उनके साथ धोखाधड़ी भी हो रही है। मिठाई बेचने वाले दुकानदार मिठाई के डिब्बे के जरिये उनको चपत लगा रहे हैं। दरअसल दीवाली हो या कोई भी अन्य ऐसा त्योहार हो जिसमें मिठाई बांटी जाती है, इस दौरान मिठाई बेचने वाले दुकानदार मिठाई के साथ ही गत्ते का डिब्बा भी तोल रहे हैं।
मिठाई के लिए तैयार गत्ते के डिब्बे का वजन जानबूझ कर 180 से 200 ग्राम तक रखा जाता है। लोग अगर 200 रुपये किलो वाली मिठाई खरीदते हैं तो एक किलो मिठाई में से 200 ग्राम मिठाई के डिब्बे के वजन के कारण कम हो जाती है। अगर हम 200 रुपये किलो की मिठाई की बात करें तो 200 ग्राम मिठाई 40 रुपये की बन जाती है।
इसका मतलब है कि एक दुकानदार मात्र गत्ते के डिब्बे के बदले में ग्राहक से 40 रुपये वसूल रहा है। जबकि इस डिब्बे की कीमत 10 से 15 रुपये से अधिक नहीं होती है। मिठाई बेचने वाला दुकानदार 15 रुपये के डिब्बे के बदले में 40 रुपये की मिठाई ग्राहक को कम दे रहा है, जिसके बारे में लोग अंजान हैं।